अगस्त 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद बांग्लादेश में दर्ज मामलों की संख्या में भारी उछाल ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इस दौर में हजारों निर्दोष लोगों को कानूनी मामलों में फंसाकर पुरानी रंजिशें और राजनीतिक बदले चुकता किए गए, जिससे देश की कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार स्थिति पर चिंता गहरा गई है। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को जानकारी दी कि ये दावे 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद देश भर में दर्ज मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बीच आए हैं।
करीब 22 हजार मामले दर्ज किए गए
बांग्लादेश के होम मिनिस्टर सलाहुद्दीन अहमद के मुताबिक, अगस्त 2024 के पॉलिटिकल बदलाव के बाद दर्ज किए गए कई मामलों में निहित स्वार्थों ने कई आम और बेगुनाह लोगों को फंसाया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का हवाला देते हुए प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया कि पांच अगस्त 2024 से लेकर 13वें राष्ट्रीय चुनाव तक देशभर में करीब 22 हजार मामले दर्ज किए गए।
7,500 मामले राजनीतिक हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़े
रिपोर्ट के अनुसार, कुल मामलों में से कम से कम 7,500 मामले राजनीतिक हिंसा और तोड़फोड़ से संबंधित थे। लगभग 1,500 मामले हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े थे। 1,200 मामले विशेष शक्तियां अधिनियम, 1974 तथा डिजिटल सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, दो हजार से अधिक मामले तोड़फोड़ और विस्फोटक कानूनों के तहत दर्ज किए गए, जबकि करीब 10 हजार मामलों में चोरी, भूमि कब्जा और मारपीट के आरोप शामिल थे।
निर्दोष लोगों को फंसा दिया
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के अनुसार, अगस्त 2024 के राजनीतिक परिवर्तन के बाद दर्ज कई मामलों में स्वार्थी तत्वों ने अनेक आम और निर्दोष लोगों को फंसा दिया। पुलिस को इन मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ढाका स्थित ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से लेकर इस वर्ष 31 जनवरी तक विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कम से कम 349 मामले दर्ज किए गए।