टी20 विश्व कप 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट ने बड़ा फैसला लिया है। अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ लिटन दास को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि टीम चयन में कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले हैं। लगातार 45 मुकाबले खेलने वाले जैकर अली को खराब फॉर्म के चलते बाहर कर दिया गया है। वहीं, गेंदबाजी आक्रमण में पुराने भरोसे और युवा जोश का संतुलन दिखता है।
लिटन दास के नेतृत्व में नई शुरुआत
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए जिस स्क्वाड का ऐलान किया है, वह भविष्य की तैयारी और मौजूदा प्रदर्शन—दोनों का मिश्रण है। कप्तान लिटन दास पर टीम को पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विकेट के पीछे और टॉप ऑर्डर में उनकी भूमिका टीम के लिए अहम मानी जा रही है।
जैकर अली का बाहर होना सबसे बड़ा झटका
टीम चयन की सबसे चौंकाने वाली खबर जैकर अली का बाहर होना रहा। साल 2024 से लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे जैकर ने 45 मुकाबले खेले, लेकिन हालिया खराब फॉर्म उनके लिए भारी पड़ गई। चयनकर्ताओं ने साफ संकेत दिया है कि अब सिर्फ प्रदर्शन के आधार पर ही टीम में जगह मिलेगी, चाहे खिलाड़ी कितना भी नियमित क्यों न रहा हो।
इन खिलाड़ियों की चमकी किस्मत
इस विश्व कप में तंजीद हसन और सैफ हसन जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ियों को मौका मिला है। मिडिल ऑर्डर में तौहीद हृदॉय, शमीम हुसैन और नूरुल हसन से टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, परवेज हुसैन इमोन को नंबर चार पर बल्लेबाज़ी का जिम्मा दिया जा सकता है, जो टीम को स्थिरता प्रदान करेंगे।
गेंदबाजी में दिखेगा ‘मुस्तफिजुर मैजिक’
बांग्लादेश की गेंदबाजी इस बार उसकी सबसे बड़ी ताकत नजर आ रही है। मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब और मोहम्मद शैफुद्दीन जैसे अनुभवी गेंदबाज़ किसी भी बल्लेबाज़ी क्रम को चुनौती देने का दम रखते हैं। स्पिन विभाग में रिशाद हुसैन और नसुम अहमद मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश का पूरा शेड्यूल
बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया है। टीम अपना पहला मुकाबला 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेलेगी। इसके बाद 9 फरवरी को दूसरा मैच होगा। 14 फरवरी को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम से टक्कर होगी, जबकि ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला नेपाल के खिलाफ खेला जाएगा।
क्या बदलेगा इतिहास?
2007 से टी20 विश्व कप खेल रही बांग्लादेश टीम अब तक सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी है। लेकिन इस बार संतुलित स्क्वाड, आक्रामक गेंदबाजी और नए नेतृत्व के साथ फैंस को उम्मीद है कि इतिहास बदलेगा।