
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर लगातारो हमले हो रहे हैं। इस क्रम में जमालपुर जिले के सरिशाबारी उपजिला में एक हिंदू मंदिर में दुर्गोत्सव से पहले बनाई गईं सात मूर्तियों को तोड़ दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को यह जानकारी दी गई। यह घटना शनिवार रात नगर पालिका के तारयापारा मंदिर की बताई जा रही है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव, दुर्गा पूजा उत्सव से एक हफ्ते पहले इस तरह का ये दूसरा हमला सामने आया है।
इस घटना की पुष्टि करते हुए, सरिशाबारी पुलिस थाने के प्रभारी रशीदुल हसन का कहना है कि सूचना मिलने के बाद हम मौके पर पहुंचे। घटना के बचाआरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान शिमलापल्ली गांव निवासी 35 वर्षीय हबीबुर रहमान के रूप में सामने आई है।
मूर्तियों के सिर और अन्य हिस्से तोड़ दिए
पुलिस और मंदिर अधिकारियों की मानें तो शनिवार रात कारीगरों के जाने के बाद मंदिर में आगामी दुर्गा पूजा के लिए बनाई गई मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि आरोपी मंदिर में घुसे और के सिर और अन्य हिस्सों को तोड़ डाला। रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह मंदिर समिति के सदस्यों ने मूर्तियों को क्षतिग्रस्त पाया। पुलिस को सूचित किया गया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है। हबीबुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना चिंताजनक है। अगस्त 2024 में मुहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमले काफी तेज हो चुके हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में स्थानीय मीडिया ने जानकारी दी कि कुश्तिया जिले के मीरपुर उपजिला स्थित स्वरूपदाह पालपारा श्री श्री राखा काली मंदिर में बदमाशों ने मूर्तियों को तोड़ दिया। एक सुरक्षा कैमरा और मेमोरी कार्ड को चुरा लिया।