बांग्लादेश में जारी हिंसा अब सिर्फ आंतरिक असंतोष का मामला नहीं रह गई है। हालिया घटनाक्रमों के बीच ऐसे दावे सामने आ रहे हैं, जिनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की गुप्त भूमिका की ओर इशारा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक सीक्रेट नेटवर्क सक्रिय है, जो राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं को हवा दे रहा है।
ढाका में ISI के कथित नेटवर्क का दावा
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की सेना प्रमुख असीम मुनीर के निर्देश पर बांग्लादेश में ISI का एक विशेष “ढाका सेल” सक्रिय किया गया है। दावा है कि यह नेटवर्क राजधानी में मौजूद पाकिस्तानी हाई कमीशन से ऑपरेट कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस सेल का गठन पिछले साल नवंबर में किया गया था और तब से यह बांग्लादेश के भीतर विभिन्न गतिविधियों में दखल दे रहा है।
कौन संभाल रहा है नेतृत्व?
जानकारी के मुताबिक, इस कथित ढाका सेल की कमान एक पाकिस्तानी ब्रिगेडियर के हाथों में है। उसके साथ मेजर रैंक के अधिकारी और खुफिया तंत्र से जुड़े अन्य लोग काम कर रहे हैं। इनका मकसद सिर्फ सूचना जुटाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर हालात को प्रभावित करना बताया जा रहा है।
राजनीतिक एजेंडे का आरोप
दावों में यह भी कहा जा रहा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य बांग्लादेश की राजनीति को एक खास दिशा में मोड़ना है। आरोप है कि कट्टरपंथी ताकतों को मजबूत करने और चुनावी माहौल को प्रभावित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसके तहत अंतरिम सत्ता को अस्थिरता के बीच बनाए रखने और जन असंतोष को भड़काने की कोशिशें होने की बात कही जा रही है।
हिंसा और फंडिंग के दावे
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में हुई आगजनी, तोड़फोड़ और हमलों के पीछे इसी नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। दावे यह भी हैं कि हर महीने भारी मात्रा में धन हिंसक गतिविधियों के लिए खर्च किया जा रहा है, जिसकी व्यवस्था अवैध कारोबार और तस्करी जैसे माध्यमों से की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
हादी की हत्या के बाद बिगड़े हालात
छात्र आंदोलन से जुड़े एक प्रमुख नेता की हत्या के बाद बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़े। इसके बाद कई शहरों में हिंसा, हमले और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ घटनाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया।
सरकार की अपील
अंतरिम सरकार ने हिंसा और नफरत की राजनीति की कड़ी निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सरकार का कहना है कि इस नाजुक दौर में किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई देश को और अस्थिर कर सकती है।