गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के गांव दौताई में अवैध निवास और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने महिला के घर से बांग्लादेशी पासपोर्ट, वीजा, नेशनल आईडी कार्ड, बैंक दस्तावेज, भारतीय वोटर पहचान पत्र समेत कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। मामले में महिला और उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस दोनों की तलाश में दबिश दे रही है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार उपनिरीक्षक शिवांग शेखर 25 फरवरी को गांव दौताई में शांति व्यवस्था और लंबित मामलों की जांच के लिए मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहम्मद मशरूफ की पत्नी रानी बेगम मूल रूप से बांग्लादेश की निवासी है और पिछले एक वर्ष से गांव में रह रही है। जानकारी मिली कि दंपती ने स्थानीय पते पर वोटर पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बनवा लिए हैं।
बैग से कई कुछ दस्तावेज बरामद हुए
सूचना पर पुलिस टीम ने महिला और उसके पति के घर दबिश दी। दबिश के दौरान दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। तलाशी के दौरान एक बैग से कई कुछ दस्तावेज बरामद हुए। जांच में सामने आया कि महिला का वास्तविक नाम महमूदा बेगम है। उसके पास बांग्लादेश का पासपोर्ट और भारत का वीजा था, जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। पासपोर्ट पर 24 जनवरी 2023 को नई दिल्ली आगमन की मुहर लगी हुई थी।
भारतीय पहचान पत्र बनवा लिया
बरामद दस्तावेजों में 11 फरवरी 2021 को दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया, नई दिल्ली में निकाह का प्रमाणपत्र भी शामिल था। इसके अलावा बैंक पासबुक, प्राइवेट बैंक की चेकबुक, मोबाइल सिम कार्ड रैपर, ट्रैवल एजेंसी कार्ड और ग्राम पंचायत द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र भी पुलिस ने कब्जे में लिया। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी महिला भारत में रह रही थी और उसने नाम बदलकर रानी बेगम के नाम से भारतीय पहचान पत्र बनवा लिया।
थाना गढ़मुक्तेश्वर प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले में महमूदा बेगम उर्फ रानी बेगम और मोहम्मद मशरूफ के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।