बांग्लादेश में उस्मान हादी की संदिग्ध मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। राजधानी ढाका से लेकर चटगांव तक हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय संस्थानों, राजनीतिक दफ्तरों और मीडिया प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है। इसी बीच धर्म के नाम पर एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या ने पूरे क्षेत्र में तनाव और डर का माहौल पैदा कर दिया है।
उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा
उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। गुस्साई भीड़ ने सड़कों पर उतरकर सरकारी और गैर-सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। राजधानी ढाका में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं, जहां आगजनी और तोड़फोड़ की कई घटनाएं दर्ज की गईं।
भारतीय संस्थानों को बनाया गया निशाना
चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग के बाहर हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और परिसर में तोड़फोड़ की। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों समेत कुल चार लोग घायल हुए। हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
भारत सरकार की एडवाइजरी
बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है। भारतीय समुदाय से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
राजनीतिक दफ्तरों और घरों में आगजनी
हिंसा की आग राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई। कई जगहों पर सत्तारूढ़ दल से जुड़े दफ्तरों और नेताओं के घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। राजशाही और चटगांव जैसे शहरों में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
आज पहुंचेगा उस्मान हादी का शव
उस्मान हादी का शव आज शाम बांग्लादेश लाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को ढाका में किया जाएगा। समर्थकों और संगठनों ने बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की घोषणा की है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
धर्म के नाम पर हिंदू युवक की हत्या
ढाका में धर्म का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू युवक के साथ की गई बर्बरता ने मानवता को झकझोर दिया है। युवक को पहले पीटा गया, फिर पेड़ से लटकाकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में शव को जला दिया गया। इस घटना के बाद अल्पसंख्यक समुदाय में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।
सियासी हलचल तेज, तारिक रहमान की वापसी की तैयारी
इन घटनाओं के बीच बांग्लादेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे तारिक रहमान की देश वापसी की चर्चाएं जोरों पर हैं। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले उनकी वापसी राजनीतिक समीकरणों को बदल सकती है।