
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई, बीएसएफबी बेंगलुरु शाखा में दर्ज एक मामले से संबंधित समन्वित तलाशी अभियान चलाया। यह मामला इंडियन ओवरसीज़ बैंक, चेन्नई की एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि कांचीपुरम स्थित एक कंपनी ने अपनी सहयोगी संस्थाओं और अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र किया। इसके साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति के दुरुपयोग और जालसाजी के अपराध किए। इससे इंडियन ओवरसीज़ बैंक को ₹120.84 करोड़ का नुकसान हुआ।
फर्जी या बेनामी संस्थाओं को धन हस्तांतरित किया
एफआईआर में लगाए गए आरोपों में इंडियन ओवरसीज़ बैंक से विभिन्न ऋण सुविधाओं का धोखाधड़ी से लाभ उठाना, संपत्ति का दुरुपयोग, बैंक के धन को सहयोगी संस्थाओं और असंबंधित संस्थाओं में स्थानांतरित करना, संबंधित पक्षों को धन की हेराफेरी, निजी फर्मों को ब्याज-मुक्त अग्रिम और विमुद्रीकरण की अवधि के दौरान संदिग्ध स्रोत से नकद जमा करना शामिल है। कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं पर यह भी संदेह है कि उन्होंने उधार ली गई राशि के अंतिम उपयोग को छिपाने के लिए फर्जी या बेनामी संस्थाओं को धन हस्तांतरित किया।
समेत छह स्थानों पर तलाशी हुई
तमिलनाडु में तेनकासी, चेन्नई और तिरुचिरापल्ली समेत छह स्थानों पर तलाशी हुई। तलाशी में आरोपी कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों से जुड़ी आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। इसके साथ साथ ही ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल थे जिनका आरोपी कंपनी के साथ संदिग्ध लेन-देन था, जिनमें दो निजी कंपनियां भी शामिल थीं। इनसे आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए। इनमें धन के हेर-फेर से संबंधित रिकॉर्ड और जांच से संबंधित अन्य सामग्री शामिल थीं।