
पहले अगर किसी अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती थी, तो उसके बैंक खाते की रकम को लेकर परिवार में झगड़े शुरू हो जाते थे. जिसकी वजह बैंक के पुराने नियम थे, जहां एक खाते में सिर्फ एक ही नॉमिनी रखने की सुविधा होती थी. अगर खाता धारक ने नॉमिनी तय नहीं किया होता, तो बेटों या परिवार के सदस्यों को पैसे के बंटवारे के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ता था. कई बार महीनों तक कानूनी प्रक्रिया चलती थी और परिवार को परेशानी के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता था. अब इस झंझट को खत्म करने के लिए बैंकों ने एक बड़ा कदम उठाया है, जो हर परिवार के लिए राहत की खबर है.
बैंकों में नया नॉमिनी नियम लागू
1 नवंबर 2025 से देशभर के बैंकों में नया नॉमिनी नियम लागू हो गया है. अब कोई भी बैंक अकाउंट होल्डर अपने खाते में सिर्फ एक नहीं, बल्कि चार नॉमिनी जोड़ सकता है यानी अब खाता धारक पहले से ही तय कर सकता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी मेहनत की कमाई किसे मिलेगी और कितना हिस्सा मिलेगा. इस सुविधा से परिवारों में होने वाले विवाद और पैसों को लेकर होने वाली बहसें खत्म हो जाएंगी. नया नियम खाताधारकों को पूरी आज़ादी देता है कि वे अपने चार नॉमिनियों के बीच रकम का बंटवारा प्रतिशत के आधार पर तय कर सकें.
नॉमिनियों को बराबर का हिस्सा
उदाहरण के तौर पर अगर कोई अकाउंट होल्डर चाहे तो पहले दो नॉमिनियों को 30-30 प्रतिशत और बाकी दो को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दे सकता है. वहीं, अगर सभी को बराबर हिस्सा देना हो, तो 25-25 प्रतिशत का वितरण भी तय किया जा सकता है यानी अब खाते में दर्ज रकम के बंटवारे को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं रहेगी. बैंक नॉमिनी के हिसाब से सीधे पैसे ट्रांसफर कर देगा और किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे परिवार के सदस्यों में आपसी विवाद या हिस्सेदारी के झगड़े से भी बचाव होगा.
हिस्से के मुताबिक पैसे नॉमिनियों के खातों में ट्रांसफर
बैंकिंग विशेषज्ञों के मुताबिक, ये बदलाव खासकर उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिनमें एक से ज्यादा वारिस होते हैं. अब हर व्यक्ति अपनी जीवनभर की कमाई का स्पष्ट बंटवारा पहले से तय कर सकेगे. इससे न केवल कानूनी झगड़ों और कोर्ट केसों में कमी आएगी, बल्कि परिवार की एकता और पारदर्शिता भी बनी रहेगी. बैंक अधिकारियों का कहना है कि नया नियम खाताधारकों को मनी कंट्रोल और सिक्योरिटी का पूरा अधिका देता है. यानी अब खाता धारक की मौत के बाद उसकी रकम को लेकर किसी को परेशान नहीं होना पड़ेगा बैंक सीधे तय हिस्से के मुताबिक पैसे नॉमिनियों के खातों में ट्रांसफर कर देगा.