Bank Strike 26 October 2026 : देशभर के बैंक कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल पर जाने वाले थे। इस हड़ताल से करोड़ों ग्राहकों की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका थी। लेकिन रविवार देर रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बैठक के बाद हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया गया। इसके बाद सोमवार से बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहा।
5 डे बैंकिंग पर बनी नई कमेटी
बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा सप्ताह में 5 दिन कामकाज यानी 5-डे बैंकिंग रहा। बैंक यूनियन लंबे समय से दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी सभी शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं। इस मुद्दे पर आगे चर्चा के लिए IBA और UFBU के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त हाई-लेवल कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। यह कमेटी संभावित विकल्पों और उनके प्रभावों पर विचार करेगी।
Bank strike deferred after the meeting between the Indian Banks' Association (IBA) and the United Forum of Bank Unions (UFBU) tonight. pic.twitter.com/SPJUwp63p2
— ANI (@ANI) September 27, 2026
PLI और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को लेकर भी बातचीत हुई। खासकर वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े कुछ मुद्दों पर यूनियनों ने अपनी आपत्तियां रखीं। IBA ने भरोसा दिया है कि इन सुझावों और बदलावों को सरकार के सामने रखा जाएगा। इसके अलावा पहले से लंबित कई अन्य मामलों पर भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है।
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यूनियनों ने रखी सख्त चेतावनी
हालांकि हड़ताल टल गई है, लेकिन यूनियनें अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि कमेटी की बैठकों और सरकार के साथ होने वाली आगे की बातचीत में उनकी मांगों पर ठोस प्रगति नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने साफ संकेत दिए हैं कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने पहले ही घोषणा कर दी है कि यदि बातचीत बेनतीजा रही तो 26 अक्टूबर 2026 से देशभर में अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू की जा सकती है। यानी फिलहाल ग्राहकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले हफ्तों में स्थिति फिर बदल सकती है। बैंकिंग सेक्टर की नजर अब कमेटी की बैठकों और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
लाखों ग्राहकों की नजर अगले फैसले पर
देशभर में बैंकिंग सेवाओं का सीधा असर आम लोगों, कारोबारियों और उद्योगों पर पड़ता है। ऐसे में 5-डे बैंकिंग और अन्य मांगों को लेकर होने वाली अगली बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। फिलहाल बैंक खुले हैं और सेवाएं सामान्य हैं, लेकिन अक्टूबर के अंत तक यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आ सकता है।