मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। तेज हवा और बारिश के बीच क्रूज नाव पलटने से कई लोगों की जान चली गई। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब एक मां और उसके तीन साल के बेटे का शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिला। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
हादसे की दर्दनाक शुरुआत
जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक पर्यटन क्रूज नाव अचानक तेज तूफान की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि नाव में लगभग 40 से 45 यात्री सवार थे। तेज हवाओं और बारिश के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई, जिससे कई लोग पानी में डूब गए।
बचाव अभियान और राहत कार्य
घटना के तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और तलाशी अभियान शुरू किया गया। पिछले 24 घंटों से गोताखोर, नावें और भारी मशीनरी की मदद से राहत कार्य जारी है। डूबे हुए जहाज को लगभग 20 फीट गहराई से निकालने की कोशिश की जा रही है। अब तक नौ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
मां और बेटे की मार्मिक तस्वीर
सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक मां और उसके तीन साल के बेटे का शव पानी से बाहर निकाला गया। दोनों एक-दूसरे से कसकर लिपटे हुए थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन इसके बावजूद वे बच नहीं सके। इस दृश्य ने बचाव कर्मियों को भी भावुक कर दिया।
मौसम और लापरवाही पर सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय तेज हवा की रफ्तार लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा थी। अचानक आए तूफान ने नाव को पूरी तरह असंतुलित कर दिया। वहीं कई यात्रियों ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाए हैं कि पर्याप्त लाइफ जैकेट और सुरक्षा जांच नहीं की गई थी।
जांच और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में लापता लोगों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। बरगी डैम, जो नर्मदा नदी पर बनी शुरुआती बड़ी परियोजनाओं में से एक है, अब इस दर्दनाक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है।