महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव ने एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। पवार परिवार के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में अब मुकाबला दिलचस्प हो गया है। Sunetra Pawar के सामने कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतारकर सियासी समीकरण बदल दिए हैं। इस फैसले ने न सिर्फ चुनाव को रोचक बना दिया है, बल्कि गठबंधन की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस का दांव, बारामती में नई हलचल
बारामती सीट लंबे समय से Sharad Pawar परिवार का मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारना बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। जहां सहयोगी दल इस सीट को निर्विरोध कराने की कोशिश में थे, वहीं कांग्रेस के इस कदम ने मुकाबले को सीधा और दिलचस्प बना दिया है।
कौन हैं आकाश मोरे?
Akash More पेशे से वकील हैं और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति में सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका राजनीति से पुराना नाता रहा है और वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। बारामती से उनका जुड़ाव उन्हें इस चुनाव में एक मजबूत स्थानीय चेहरा बनाता है।
पहले भी आजमा चुके हैं किस्मत
आकाश मोरे इससे पहले भी बारामती से चुनाव लड़ चुके हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने Ajit Pawar के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर मैदान संभाला था। हालांकि उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब एक बार फिर वे इसी राजनीतिक जमीन पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
राजनीतिक विरासत का असर
आकाश मोरे का परिवार भी राजनीति में सक्रिय रहा है। उनके पिता Vijayrao More विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दौर में कई बड़े नेताओं के साथ काम किया और क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। इस विरासत का फायदा आकाश मोरे को चुनाव में मिल सकता है।
दिलचस्प मोड़ पर बारामती की सियासत
बारामती उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है। एक ओर पवार परिवार की पकड़ है, तो दूसरी ओर कांग्रेस का नया दांव। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आकाश मोरे इस गढ़ में सेंध लगा पाते हैं या फिर पवार परिवार अपनी परंपरागत पकड़ बरकरार रखता है।