जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद जनहित याचिका का निपटारा कर दिया है। अदालत में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में सभी क्रूज और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद ही संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। इस फैसले के बाद पूरे राज्य में वाटर टूरिज्म गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं।
सरकार का जवाब और सुरक्षा ऑडिट का निर्णय
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश के सभी पर्यटक स्थलों पर व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जब तक सुरक्षा मानकों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी भी स्थान पर क्रूज या बोट संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस कदम को भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाईकोर्ट का फैसला और याचिका का निपटारा
हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को न्यायिक जांच आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति भी दी है। अब आगे की जांच आयोग के स्तर पर होगी, जहां पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
याचिका में उठाए गए गंभीर मुद्दे
भोपाल निवासी कमल कुमार राठी द्वारा दायर इस जनहित याचिका में पूरे मध्यप्रदेश में क्रूज संचालन पर रोक, दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR और सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई थी। याचिका में यह भी सवाल उठाया गया था कि NGT के निर्देशों के बावजूद संचालन कैसे जारी रहा।
प्रदेश में वाटर टूरिज्म पर असर
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मध्यप्रदेश में वाटर टूरिज्म और क्रूज सेवाएं फिलहाल पूरी तरह ठप हो गई हैं। प्रशासन अब सभी संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने तक किसी भी तरह की जल पर्यटन गतिविधि शुरू नहीं की जाएगी, जिससे पर्यटन क्षेत्र पर भी प्रभाव देखने को मिल रहा है।