बरगी डैम क्रूज हादसे का मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है। इस हादसे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें पूरे मध्य प्रदेश में क्रूज संचालन पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है। याचिका में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं पुलिस जांच भी तेज हो गई है और कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
भोपाल निवासी कमल कुमार राठी ने बरगी डैम क्रूज हादसे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार, एमपी टूरिज्म, IWAI, एसपी और कलेक्टर समेत आठ पक्षों को शामिल किया गया है। साथ ही हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग भी की गई है।
पूरे प्रदेश में क्रूज संचालन रोकने की मांग
याचिका में कहा गया है कि जब तक हादसे की जांच पूरी नहीं हो जाती और सुरक्षा मानकों की समीक्षा नहीं होती, तब तक प्रदेशभर में सभी क्रूज और वॉटर स्पोर्ट गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि एनजीटी की रोक के बावजूद संबंधित क्षेत्र में क्रूज संचालन क्यों जारी रखा गया।
SIT जांच और सेफ्टी ऑडिट की मांग
मामले में एक अन्य याचिका भी दायर की गई है, जिसमें एसआईटी गठित कर स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि येलो अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन की अनुमति देना गंभीर लापरवाही है। राज्यभर में चल रहे सभी वॉटर स्पोर्ट्स और क्रूज सेवाओं का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।
पुलिस जांच में जुटी, दर्ज हुए कई बयान
हादसे की जांच कर रही पुलिस टीम ने अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं। शुरुआती पूछताछ में कई लोगों ने हादसे के लिए पायलट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। बचाव दल, रिसॉर्ट कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। मृतकों के परिजनों और हादसे में बचे लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
मैकाल रिसॉर्ट तक पहुंची जांच टीम
जांच एजेंसियों ने मैकाल रिसॉर्ट पहुंचकर भी पूछताछ की है। इसी रिसॉर्ट से क्रूज यात्रा की टिकट बुकिंग की जाती थी। जांच टीम ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान रिकॉर्ड किए और उनकी वीडियोग्राफी भी कराई। बताया जा रहा है कि 30 से 40 लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। मामले में अगले हफ्ते हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है।