Barrier Free Toll : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी चल रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार देशभर के टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। लक्ष्य यह है कि मार्च 2027 तक टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें और इंतजार लगभग पूरी तरह समाप्त हो जाए।
नई तकनीक से चलते-चलते कटेगा टोल
सरकार एक ऐसी प्रणाली लागू करने जा रही है जिसमें फास्टैग और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे मिलकर काम करेंगे। वाहन के टोल क्षेत्र से गुजरते ही उसकी नंबर प्लेट और फास्टैग की पहचान होगी और टोल राशि स्वतः कट जाएगी। इससे वाहन चालकों को टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।
फरवरी-मार्च तक शुरू हो सकता है बड़ा बदलाव
नितिन गडकरी के अनुसार अगले वर्ष फरवरी-मार्च तक प्रमुख टोल प्लाजा पर नई व्यवस्था लागू करने की योजना है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से बैरियर हटाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य टोल भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और निर्बाध बनाना है, जिससे यात्रा का समय कम हो और सड़कों पर यातायात का दबाव भी घटे।
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चलते वाहन का भी होगा वजन माप
सरकार ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए नई तकनीक भी ला रही है। ‘वे-इन-मोशन’ प्रणाली के तहत सड़क पर चलते हुए ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का वजन स्वतः मापा जा सकेगा। यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक भार लेकर चलता पाया गया तो उसका रिकॉर्ड सीधे निगरानी प्रणाली से जुड़ जाएगा और कार्रवाई आसान हो जाएगी।
ईंधन बचेगा, लागत होगी कम
टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने से ईंधन की खपत बढ़ती है और समय भी बर्बाद होता है। सरकार का मानना है कि बैरियर-फ्री टोल व्यवस्था लागू होने के बाद लाखों लीटर ईंधन की बचत होगी। साथ ही माल ढुलाई की लागत कम होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
हाईवे परियोजनाओं को मिल रहा मजबूत समर्थन
गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बॉन्ड को भी मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। इससे संकेत मिलता है कि देश में सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं है और बुनियादी ढांचे के विकास की रफ्तार आगे भी जारी रह सकती है।