Board of Control for Cricket in India ने 2025-26 सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट सामने आते ही एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया, और वह है अक्षर पटेल। टीम इंडिया के सीनियर ऑलराउंडर और टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर को इस बार डिमोशन झेलना पड़ा है। इसी फैसले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है और फैंस हैरान नजर आ रहे हैं।
ग्रेड बी से ग्रेड सी में गिरावट
पिछले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में अक्षर पटेल ग्रेड बी में शामिल थे, लेकिन इस बार उन्हें ग्रेड सी में रखा गया है। माना जा रहा है कि 2024-25 सीजन में अक्षर का एक भी टेस्ट मैच न खेलना इसकी बड़ी वजह है। इसके अलावा उन्होंने वनडे और टी20 मुकाबले भी सीमित संख्या में खेले। बीसीसीआई का ग्रेड सिस्टम मैचों की संख्या और फॉर्मेट में भागीदारी पर आधारित होता है, इसी वजह से उनका ग्रेड बदला गया।
फैंस को क्यों नहीं पचा फैसला
अक्षर पटेल तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी हैं और मौजूदा समय में टीम के भरोसेमंद ऑलराउंडर माने जाते हैं। वह गेंद और बल्ले दोनों से कई बार टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाल चुके हैं। ऐसे खिलाड़ी को सबसे निचले ग्रेड में देखना फैंस को बिल्कुल रास नहीं आया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब खिलाड़ी टीम के लिए लगातार उपयोगी साबित हो रहा है, तो फिर डिमोशन क्यों?
पूर्व खिलाड़ियों ने भी उठाए सवाल
इस फैसले पर भारत के पूर्व क्रिकेटर Aakash Chopra ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अक्षर पटेल को आखिर और क्या करना होगा, जिससे उन्हें वह सम्मान मिले जिसके वह हकदार हैं। उनके इस बयान के बाद बहस और तेज हो गई। कई क्रिकेट फैंस ने भी अक्षर को ‘यूटिलिटी प्लेयर’ बताते हुए बोर्ड के फैसले को समझ से बाहर बताया।
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12 साल से टीम इंडिया की रीढ़
Axar Patel पिछले 12 साल से टीम इंडिया का हिस्सा हैं। उन्होंने अब तक 15 टेस्ट, 71 वनडे और 88 टी20 मुकाबले खेले हैं। तीनों फॉर्मेट मिलाकर अक्षर ने 2200 से ज्यादा रन बनाए हैं और 200 से अधिक विकेट भी झटके हैं। इतने लंबे समय तक लगातार योगदान देने के बाद भी ग्रेड में गिरावट कई लोगों को हैरान कर रही है।
नीति बनाम प्रदर्शन की बहस
अब सवाल यही है कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ मैचों की संख्या ज्यादा मायने रखती है या मैदान पर असरदार भूमिका भी देखी जानी चाहिए। बीसीसीआई का फैसला नियमों के हिसाब से हो सकता है, लेकिन फैंस और क्रिकेट जानकार इसे भावनात्मक नजरिए से देख रहे हैं। आने वाले समय में अगर अक्षर फिर से ज्यादा मैच खेलते हैं, तो उनका ग्रेड बढ़ेगा या नहीं, इस पर सबकी नजर बनी रहेगी।