भारतीय क्रिकेट में इस साल पैसा और रुतबे की तस्वीर बदल गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नए इंटरनेशनल सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट का फैसला कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार कुल 30 खिलाड़ियों को कॉन्ट्रेक्ट लिस्ट में जगह मिली है। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि बोर्ड ने ए प्लस ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब खिलाड़ियों को सिर्फ तीन ग्रेड—ए, बी और सी—में रखा गया है। इसी बदलाव के चलते कई बड़े नामों की सैलरी पर असर पड़ा है।
रोहित-कोहली को क्यों किया गया डाउनग्रेड
इस फैसले में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर हो रही है। दोनों को शीर्ष ग्रेड से हटाकर सीधे बी ग्रेड में रखा गया है। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि अब दोनों खिलाड़ी सिर्फ एक ही फॉर्मेट में नियमित रूप से खेल रहे हैं। पिछले सीजन तक दोनों को सबसे ऊंचे ग्रेड में सालाना करीब 7 करोड़ रुपये मिलते थे। अब बी ग्रेड में आने के बाद उनकी कमाई 3 से 5 करोड़ रुपये के बीच रह सकती है।
इन 3 खिलाड़ियों को मिला टॉप ग्रेड
नए सिस्टम में सबसे ऊंचे ग्रेड में सिर्फ तीन खिलाड़ियों को जगह दी गई है। इनमें कप्तान शुभमन गिल, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा शामिल हैं। बोर्ड ने इन तीनों को मौजूदा टीम इंडिया की रीढ़ माना है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि टॉप ग्रेड की रकम 7 करोड़ रहेगी या 5 करोड़, लेकिन इतना तय है कि सबसे ज्यादा पैसा इन्हीं खिलाड़ियों को मिलेगा।
बी ग्रेड में बड़े सितारों की लंबी लिस्ट
बी ग्रेड में कुल 11 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, केएल राहुल, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज, श्रेयस अय्यर और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बड़े नाम हैं। यह ग्रेड उन खिलाड़ियों का माना जा रहा है जो लगातार टीम का हिस्सा हैं, लेकिन सभी फॉर्मेट में नहीं खेलते।
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सी ग्रेड में युवाओं को मौका
सी ग्रेड में इस बार 16 खिलाड़ियों को रखा गया है। इसमें तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, संजू सैमसन, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे नाम शामिल हैं। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट मिला है, जिसे भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। सी ग्रेड में रहने वाले खिलाड़ियों को आमतौर पर 1 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं।
कब तक मान्य रहेंगे ये कॉन्ट्रेक्ट
ये सभी सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे। पिछले साल जहां 34 खिलाड़ियों को कॉन्ट्रेक्ट मिला था, वहीं इस बार संख्या घटाकर 30 कर दी गई है। हालांकि अभी तक बोर्ड की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बदलाव तय माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस पर है कि बीसीसीआई कब इसकी औपचारिक घोषणा करता है।