भारतीय घरेलू क्रिकेट में अगले सत्र से बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है. बीसीसीआई ने 2026-27 सीजन के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. सबसे ज्यादा चर्चा अंडर-23 टूर्नामेंट को लेकर हो रही है. अब तक जो प्रतियोगिता वनडे फॉर्मेट में खेली जाती थी, उसे टी20 प्रारूप में बदल दिया गया है. इस फैसले के बाद युवा खिलाड़ियों को नई शैली में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा.
अंडर-23 में बदला फॉर्मेट
बीसीसीआई ने फैसला लिया है कि पुरुष अंडर-23 स्टेट प्रतियोगिता अब टी20 फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी. इसके साथ विजी ट्रॉफी भी अब वनडे की जगह टी20 अंदाज में खेली जाएगी. माना जा रहा है कि बदलते क्रिकेट प्रारूप को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि युवा खिलाड़ी छोटे फॉर्मेट के हिसाब से खुद को बेहतर तैयार कर सकें.
वापस लौटा पुराना मुकाबला
इस घरेलू सत्र में एक पुरानी परंपरा की भी वापसी होने जा रही है. कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी विजेता और शेष भारत के बीच मुकाबला फिर से कैलेंडर में शामिल किया गया है. यह मुकाबला अक्टूबर में खेला जाएगा. लंबे समय बाद इस मैच की वापसी को युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच माना जा रहा है.
दलीप ट्रॉफी से होगी शुरुआत
नए घरेलू सत्र की शुरुआत प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी से होगी. यह प्रतियोगिता अगस्त और सितंबर के बीच बेंगलुरु में खेली जाएगी. इसके बाद ईरानी कप की शुरुआत होगी. रिपोर्ट्स के अनुसार इसे जम्मू या श्रीनगर में आयोजित किया जा सकता है क्योंकि जम्मू-कश्मीर मौजूदा रणजी विजेता है.
रणजी फॉर्मेट में नहीं बदलाव
रणजी ट्रॉफी का फॉर्मेट पहले जैसा ही रखा गया है. एलीट ग्रुप में 32 टीमें चार समूहों में खेलेंगी जबकि प्लेट ग्रुप में 6 टीमें हिस्सा लेंगी. सभी मुकाबले होम और अवे प्रारूप में आयोजित होंगे. इसके अलावा कई अन्य आयु वर्ग प्रतियोगितियों के कार्यक्रम में भी बदलाव किए गए हैं.
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कुल 1788 मैचों का सीजन
आगामी घरेलू सत्र काफी बड़ा रहने वाला है. पुरुष और महिला वर्गों को मिलाकर कुल 1788 मुकाबले खेले जाएंगे. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और दूसरी बड़ी प्रतियोगितियों के कार्यक्रम भी तय कर दिए गए हैं. ऐसे में अगले सत्र में घरेलू क्रिकेट पहले से ज्यादा व्यस्त और रोमांचक दिखाई देने वाला है.