BCCI ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिला दिया है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब टीम इंडिया में चयन सिर्फ नाम और अनुभव के दम पर नहीं होगा, बल्कि खिलाड़ियों को घरेलू टूर्नामेंटों में प्रदर्शन करना होगा. इसका सीधा असर अब रोहित शर्मा और विराट कोहली पर पड़ता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों सीनियर खिलाड़ियों को विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा लेना होगा, तभी वनडे टीम में उनकी जगह पक्की मानी जाएगी. ये फैसला ऐसे समय पर आया है जब इन दोनों दिग्गजों के भविष्य को लेकर लगातार अटकलें तेज हैं.
'फॉर्म दिखाओ, तभी टीम में जगह पाओ'
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टीम इंडिया अब दक्षिण अफ्रीका से भिड़ने जा रही है, और इसी बीच BCCI ने खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है फॉर्म दिखाओ, तभी टीम में जगह पाओ. 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी अब चयन की कसौटी मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि जो खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में नहीं उतरेंगे, उन्हें भविष्य की वनडे सीरीज के लिए सेलेक्शन में शामिल करना मुश्किल होगा. बोर्ड की ये नीति बताती है कि अब फिटनेस और घरेलू प्रदर्शन दोनों को बराबर महत्व दिया जाएगा.
रोहित शर्मा ने किया नए नियम को स्वीकार
सूत्रों के अनुसार, रोहित शर्मा ने इस नए नियम को स्वीकार कर लिया है और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को अपनी उपलब्धता की जानकारी दे दी है। वह सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी ही नहीं, बल्कि सैय्यद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में भी हिस्सा लेने को तैयार हैं। लंबे समय बाद रोहित की यह घरेलू वापसी फैंस के लिए उत्साहजनक खबर है। वहीं दूसरी ओर, विराट कोहली ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे उनके इरादों को लेकर संशय बना हुआ है।
पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कदम
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि बीसीसीआई का यह कदम टीम में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए है। बोर्ड अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि हर खिलाड़ी अपनी फॉर्म और प्रतिबद्धता मैदान पर साबित करे। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट में नई सोच का प्रतीक माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें विराट कोहली पर टिकी हैं क्या वो भी घरेलू क्रिकेट में उतरकर जवाब देंगे या फिर यह चुप्पी किसी नए मोड़ की ओर इशारा कर रही है?