विभूतिखंड थाना क्षेत्र में गुरुवार को 25 वर्षीय ब्यूटीशियन जया पांडेय ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर फंदा लगा लिया। मेटा अलर्ट पर पुलिस आठ मिनट में पहुंच गई, लेकिन अस्पताल में जया को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के भेज दिया। पुलिस खुशकुशी के कारणों का पता लगाने के लिए प्रयास कर रही है। हालांकि अभी तक आत्महत्या के कारणों का पुख्ता सबूत नहीं मिल पाए हैं...पुलिस का कहना है कि अभी से कुछ बताना जल्दबाजी होगी...घटना की जांच चल रही है।
ये है मामला
अंबेडकरनगर में मालीपुर के डिगी गांव की रहने वालीं ब्यूटीशियन जया पांडेय (25) ने इंस्टाग्राम पर लाइव जाकर फंदा लगा लिया। मेटा अलर्ट पर आठ मिनट में पहुंची विभूतिखंड पुलिस ने जया को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले पीड़िता के दोनों मोबाइल को कब्जे में ले लिया है।
लाइव वीडियो मिला
इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि कुछ माह से जया विभूतिखंड के विजीयपुर में दुर्गा पांडेय के मकान में किराया पर रहती थीं। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस को उनका इंस्टाग्राम का लाइव वीडियो मिला। वीडियो में जया कह रही थीं कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। हमकों तुमने जहां लाकर खड़ा किया वहां मैं पहुंच गई हूं। मैं आत्महत्या कर रही हूं। इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस समय कंट्रोल रूम से इसका मेटा अलर्ट मिला पुलिस जया के घर से आठ मिनट की दूरी पर गश्त कर रही थी। आनन-फानन पुलिस जब घर पहुंची तो दरवाजा अंदर बंद मिला। दरवाजा तोड़कर जब पुलिस घर में दाखिल हुई तो उन्हें जया पंखे से चादर के सहारे लटकी मिलीं। पुलिस ने उन्हें लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सेलफोन कब्जे में लेकर जांच कर रही पुलिस
इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना की जानकारी जया की मंगला और पिता सत्यदेव पांडेय को दी गई। जांच में सामने आया कि जया का किसी से प्रेम प्रसंग था। घरवालों की भी जया से कम बात होती थी। पुलिस को जया के मोबाइल मिले हैं, जिनमें पैटर्न लॉक लगा था। लॉक खुलने पर इस बात का पता चल सकेगा कि जया का किससे प्रेम प्रसंग था। साथ ही अंतिम बार उसकी किससे बात हुई थीं। फिलहाल घरवालों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। वहीं जया के पिता का आरोप है कि पुलिस उन्हें घटनास्थल नहीं लेकर गई और न ही उन्हें बेटी का वीडियो दिखाया गया। इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि जया के घरवाले आने को तैयार नहीं थे। काफी कहने पर घरवाले शाम चार बजे लखनऊ आए थे। तब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।