Janamashtmi Fashion Tips : जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक है और इस मौके पर महिलाएं पारंपरिक लुक के साथ खूबसूरत ज्वेलरी पहनना पसंद करती हैं. अगर आप भी इस बार हैवी झुमकों की जगह हल्के और स्टाइलिश इयररिंग्स पहनना चाहती हैं, तो गोल्ड थ्रेड स्टाइल डिजाइन आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं. इनकी खासियत है कि इन्हें कम वजन में भी आकर्षक तरीके से तैयार कराया जा सकता है.
1. सिंपल गोल्ड थ्रेड इयररिंग्स
रोजाना पहनने से लेकर त्योहार के मौके तक सिंपल गोल्ड थ्रेड इयररिंग्स काफी सुंदर लगते हैं. छोटे आकार और हल्के डिजाइन के कारण इन्हें करीब 2 ग्राम के आसपास तैयार कराया जा सकता है। ट्रेडिशनल ड्रेस के साथ इनका लुक काफी निखरकर आता है.
2. मोती वाले थ्रेड इयररिंग्स
अगर आप थोड़ी अलग डिजाइन चाहती हैं, तो गोल्ड थ्रेड के साथ छोटे मोतियों का इस्तेमाल कराया जा सकता है. नीचे की तरफ लगे मोती इयररिंग्स को आकर्षक बनाते हैं। इस तरह के डिजाइन को लगभग 2 से 3 ग्राम सोने में तैयार कराया जा सकता है.
3. फ्लोरल पैटर्न डिजाइन
फूलों से प्रेरित गोल्ड थ्रेड इयररिंग्स जन्माष्टमी के पारंपरिक लुक के लिए खूबसूरत विकल्प हैं. छोटे फूलों की आकृति वाला डिजाइन ज्यादा भारी भी नहीं लगता और कानों पर एलिगेंट नजर आता है.
4. झुमकी स्टाइल थ्रेड इयररिंग्स
अगर आपको झुमके पसंद हैं, तो थ्रेड स्टाइल में मिनी झुमकी डिजाइन बनवा सकती हैं. यह डिजाइन साड़ी, लहंगे और सूट के साथ आसानी से मैच हो जाता है. वजन को करीब 2 से 3 ग्राम के बीच रखा जा सकता है.
5. पत्ती डिजाइन वाले इयररिंग्स
गोल्ड थ्रेड के साथ पत्ती का पैटर्न ज्वेलरी को मॉडर्न और पारंपरिक दोनों लुक देता है. छोटे आकार में यह डिजाइन काफी नाजुक दिखाई देता है और हल्की ज्वेलरी पसंद करने वाली महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है.
6. स्टोन डिटेलिंग वाले थ्रेड इयररिंग्स
त्योहार पर थोड़ा चमकदार लुक चाहिए तो छोटे स्टोन या रंगीन नगों के साथ गोल्ड थ्रेड इयररिंग्स बनवाए जा सकते हैं. डिजाइन और इस्तेमाल किए गए सोने के हिसाब से इनका वजन 2 से 3 ग्राम के आसपास रखा जा सकता है.
खरीदने या बनवाने से पहले ध्यान दें
इयररिंग्स का वास्तविक वजन डिजाइन, आकार, सोने की शुद्धता और उसमें इस्तेमाल होने वाले मोती या स्टोन पर निर्भर करेगा. इसलिए ज्वेलर से डिजाइन और अनुमानित वजन पहले ही तय कर लें। जन्माष्टमी के लिए हल्के गोल्ड थ्रेड इयररिंग्स पारंपरिक पहनावे को खूबसूरत बनाने के साथ बजट को भी काफी हद तक नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं.