अभी तक आपने सरकारी अस्पतालों में सफेद और नीले कलर की बेडसीट देखी होगी, लेकिन अब आपको अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग कलर की बे बेडसीट देखने को मिलेंगी। सूबे की रेखा सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में 'कलर कोडिंग' बेडशीट व्यवस्था को लगा कर दिया है। रेखा सरकार ने स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों को अच्छा महसूस कराने और मनोवैज्ञानिक तौर पर मजबूत करने के उद्देश्य से ’कलर कोडिंग’ बेडशीट व्यवस्था लागू को लागू किया है। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में पहली बार शुरू हुई कलर कोडिंग व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि अस्पताल आने वाले मरीजों के हितों को ध्यान रखते हुए ’कलर कोडिंग’ क्लीनलीनेस व्यवस्था के तहत हफ्ते के प्रत्येक दिन अलग-अलग कलर की बेडशीट बिछाने का नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
अस्पतालों में एक्वायर्ड इंफेक्शन का खतरा भी कम होगा
सभी सरकारी अस्पतालों को सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग-अलग रंग की बेडशीट का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। ’कलर कोडिंग’ बेडशीट व्यवस्था के तहत दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सोमवार को सफेद रंग, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को ग्रीन, गुरुवार को बैंगनी, शुक्रवार को नीला, शनिवार को हल्का ग्रे और रविवार के दिन पीच कलर के बेडशीट बिछाए जाएंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ’कलर कोडिंग’ क्लीनलीनेस व्यवस्था न सिर्फ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने का काम करेगी, बल्कि रोजाना साफ-सुथरी और स्वच्छ बेडशीट बदलने से अस्पतालों में एक्वायर्ड इंफेक्शन का खतरा भी कम होगा। इसके साथ अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छता के साथ साफ तौर पर बदलाव दिखाई देगा। हमारी सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में अलग-अलग कलर के स्टॉक के साथ पर्याप्त मात्रा में बेडशीट उपलब्ध करवाई है, ताकि सप्ताह के सातों दिन के तय रंगों के हिसाब से बेडशीट चेंज सुनिश्चित हो सके।
बेडशीट की गुणवत्ता के साथ एकरूपता का भी विशेष ध्यान रखा गया
कलर कोडिंग बेडसीट के प्रोटोकॉल का होगा पालन स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नई लिनेन सेट्स की खरीदी के समय बेडशीट की गुणवत्ता के साथ एकरूपता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सेवन कलर कोडिंग बेडशीट व्यवस्था का कुशलतापूर्वक और नियमित रोटेशन प्रोटोकॉल के तहत इस्तेमाल करें। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में यह पहल केंद्र सरकार के ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम की गाइड बुक में दिए गए तय मानक और सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें स्वास्थ्य संस्थानों में हॉस्पिटल एक्वायर्ड इंफेक्शन की रोकथाम के लिए उचित लिनेन प्रबंधन प्रणाली के महत्व पर विशेष जोर दिया गया है। गाइड बुक में साफ तौर पर गंदे और संक्रमित लिनेन की अलग से हैंडलिंग, उनके अलग से ट्रांसपोर्टेशन करने के साथ गर्म पानी और डिटर्जेंट से धुलाई करने जैसे कई प्रोटोकॉल को अनिवार्य किया गया है।