BJP government changed the picture: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टेट क्रेडिट सेमिनार कार्यक्रम में सहकारिता और एमएसएमई सेक्टर को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में न तो विकास था और न ही रोजगार के अवसर। योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचता था, बल्कि बिचौलिए और माफिया इसका फायदा उठाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार आने के बाद व्यवस्था में पारदर्शिता आई और जमीनी स्तर पर बदलाव दिखने लगे।
एमएसएमई सेक्टर में आया बड़ा सुधार
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले एमएसएमई क्षेत्र की स्थिति बेहद खराब थी। कारीगर हताश थे और बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा था। सरकार ने एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े, बल्कि पारंपरिक कारीगरों को भी नई पहचान मिली।
सहकारी बैंकों की बदली हालत
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय ऐसा था जब भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया था। आज स्थिति यह है कि इनमें से 15 बैंक मुनाफे में आ चुके हैं। बचे हुए एक बैंक को भी लाभ की स्थिति में लाने के प्रयास जारी हैं। सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को भी मजबूत किया है।
पैक्स की भूमिका और व्यवस्थागत सुधार
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पैक्स की संख्या अधिक है और सरकार ने उनका टर्नओवर और ऋण सीमा दोनों बढ़ाई है। पैक्स को खाद वितरण जैसी जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। सीमित कर्मचारियों के बावजूद प्रदेश ने खाद वितरण की बेहतर व्यवस्था विकसित की है, जो देश में उदाहरण बन रही है।
नतीजे सामने
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और सहकारिता विभागों के तालमेल से सहकारी समितियां फिर से जन आंदोलन का रूप ले रही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जो एमएसएमई सेक्टर को पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर दे रहा है। सीएम योगी के मुताबिक, जब सरकार की नीयत साफ होती है, तो विकास और रोजगार के नतीजे भी साफ दिखाई देते हैं।