
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजद परिवार के लिए बड़ा झटका आया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं. ये वही मामला है जो रांची और पुरी के आईआरसीटीसी होटलों के टेंडर आवंटन में भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब होटल ठेकों के बदले उनके परिवार को जमीन और प्रॉपर्टी का फायदा दिलाया गया. अदालत ने अब साफ कर दिया है कि इस मामले में मुकदमा चलेगा.
इन धाराओं में तय हुए आरोप
सोमवार को लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे. उनके साथ पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. तीनों ने अदालत में अपनी हाजिरी दी. अदालत ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 120B (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत आरोप तय किए हैं. इसका मतलब है कि अब लालू परिवार के खिलाफ मुकदमा चलेगा, और बिहार की सियासत में राजद को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. अदालत ने कहा कि अब यह तय होगा कि रेल मंत्रालय के दौरान होटल आवंटन के बदले निजी लाभ पहुंचाने के आरोपों में लालू यादव की भूमिका कितनी गहरी थी.
बिहार की राजनीति पर असर पड़ना तय
इससे पहले, अदालत ने 24 सितंबर को सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था. दोनों मामलों में सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी हो चुकी थीं, और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब जब आरोप तय हो गए हैं, तो इसका सीधा असर बिहार की राजनीति पर पड़ना तय है. तेजस्वी यादव, जो खुद को भ्रष्टाचार-मुक्त राजनीति का चेहरा बताते हैं, अब परिवार के इस पुराने केस की वजह से बचाव की मुद्रा में आ गए हैं. पार्टी के भीतर भी चर्चा है कि ये मामला चुनाव से पहले राजद के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है.
एनडीए और राजद दोनों के लिए टर्निंग पॉइंट
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ये फैसला बिहार में एनडीए और राजद दोनों के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है. एक तरफ भाजपा-जेडीयू गठबंधन इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत बताकर भुनाएगा, वहीं दूसरी तरफ राजद इसे राजनीतिक साजिश कहेगा लेकिन सच्चाई ये है कि चुनावी मौसम में यह फैसला राजद के लिए परेशानी का सबब बन गया है. अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि तेजस्वी यादव कैसे संभालेंगे यह सियासी झटका, और क्या लालू-राबड़ी परिवार एक बार फिर इस संकट से निकल पाएगा या नहीं