चीन की राजधानी बीजिंग में हाल ही में धुंध की वापसी हुई है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 215 के 'बेहद अस्वास्थ्यकारी' स्तर पर पहुंच गया है। यह बीजिंग में वर्षों बाद प्रदूषण का इतना गंभीर मामला है। चीन की राष्ट्रीय वेधशाला ने भारी कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
2016 से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए
बीजिंग ने 2016 से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें भारी उद्योगों को बंद करना, सार्वजनिक हीटिंग व्यवस्था को प्राकृतिक गैस या बिजली आधारित करना और वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना शामिल है। इन प्रयासों से बीजिंग की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी प्रदूषण एक चुनौती बना हुआ है।
वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना
चीन ने दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए भी सुझाव दिए हैं, जिनमें वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना, पुरानी गाड़ियों को हटाना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना शामिल है।
100 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च
बीजिंग की हवा को साफ करने को लेकर चीन सरकार ने 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा की रकम को खर्च किया है। इसके बाद बीजिंग पर छाई स्मॉग की गहरी चादर को काफी दुर्लभ माना गया है। सरकार के प्रयासों के बाद बीजिंग की आबोहवा काफी सुधार हुआ है। दिल्ली में प्रदूषण से बुरा हाल है। ये हालात 2016 से पहले बीजिंग की भी रहे थे। इसके तहत चीनी दूतावास की प्रवक्ता बीते तीन दिनों से बता रही हैं कि किस तरह बीजिंग ने घनघोर प्रदूषण पर काबू पाया।