पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोला। तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शाह ने कहा कि भय भ्रष्टाचार कुशासन और घुसपैठ आज बंगाल की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास विरासत व गरीब कल्याण पर आधारित मजबूत सरकार बनाने का संकल्प ले चुकी है। शाह ने बंगाल की जनता से भाजपा को बहुमत देने की अपील भी की।
30 दिसंबर का ऐतिहासिक संदर्भ
अमित शाह ने अपने संबोधन में 30 दिसंबर के ऐतिहासिक महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में आजाद भारत का झंडा फहराया था। शाह के मुताबिक यह दिन बंगाल और देश के लिए गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज के बंगाल की तुलना अगर उस गौरवशाली इतिहास से करें तो मौजूदा हालात चिंताजनक हैं। टीएमसी के 15 साल के शासन में जनता भयभीत और आशंकित है खासकर घुसपैठ और भ्रष्टाचार को लेकर।
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भाजपा सरकार का वादा और रोडमैप
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो राज्य की विरासत को फिर से जीवित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास की रफ्तार तेज होगी और गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अमित शाह ने कहा कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर बंग गौरव और बंग संस्कृति के पुनर्जागरण की शुरुआत होगी। उनका आरोप था कि पिछले 14 वर्षों में भय और भ्रष्टाचार ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
विपक्ष की स्थिति पर भी तंज
अमित शाह ने कांग्रेस और वाम दलों की स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस की स्थापना बंगाल से हुई थी वह आज शून्य पर पहुंच चुकी है। वहीं 34 साल तक शासन करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी राज्य में एक भी सीट नहीं जीत सका। शाह ने दावा किया कि भाजपा आज बंगाल में प्रमुख विपक्ष है। 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को 39 प्रतिशत वोट और 12 सीटें मिली थीं। उन्होंने भरोसा जताया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में सरकार बनाएगी।