पश्चिम बंगाल चुनाव का पहला चरण खत्म होते ही अब नजरें दूसरे और सबसे अहम चरण पर टिक गई हैं। 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है, जिसे इस चुनाव का ‘फाइनल राउंड’ माना जा रहा है। यह इलाका ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां विपक्ष के लिए सेंध लगाना आसान नहीं रहा। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है।
ममता का किला बनाम BJP की चुनौती
दूसरे चरण की सीटें दक्षिण बंगाल के उस कोर बेल्ट में आती हैं, जहां 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने लगभग क्लीन स्वीप किया था। 142 सीटों में से 123 सीटें टीएमसी के खाते में गई थीं, जबकि बीजेपी सिर्फ 18 सीटें जीत सकी थी। यही वजह है कि इस बार बीजेपी ने पूरा फोकस इसी इलाके पर लगाया है और पिछले पांच साल से यहां लगातार सियासी जमीन तैयार कर रही है।
किन इलाकों में होगा चुनाव
इस चरण में कोलकाता की सभी शहरी सीटों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, नदिया, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, और पूर्व-पश्चिम बर्धमान जिलों की सीटें शामिल हैं। यही वे इलाके हैं, जिनके दम पर ममता बनर्जी ने सत्ता की हैट्रिक लगाई थी। अब बीजेपी इसी गढ़ को भेदने की रणनीति के साथ मैदान में उतरी है।
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सीमा क्षेत्र बना सबसे बड़ा फैक्टर
बांग्लादेश सीमा से सटे इलाके इस चुनाव में सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं। नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना की कई सीटें सीधे सीमा से जुड़ी हैं। इन क्षेत्रों में मुस्लिम वोटर बड़ी संख्या में हैं, जो पारंपरिक रूप से टीएमसी के समर्थन में रहे हैं। वहीं बीजेपी घुसपैठ और नागरिकता जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है, जिससे मुकाबला और भी तीखा हो गया है।
मतुआ वोट और सियासी गणित
सीमावर्ती इलाकों में मतुआ समुदाय भी निर्णायक भूमिका निभाता है। बीजेपी नागरिकता कानून को बड़ा मुद्दा बनाकर इस वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है, जबकि टीएमसी अपनी पकड़ बनाए रखने में जुटी है। इस वजह से कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी होने की उम्मीद है।
कौन जीतेगा सियासी बाजी?
दूसरे चरण का परिणाम यह तय करेगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी। एक तरफ ममता बनर्जी अपने मजबूत गढ़ को बचाने की पूरी कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी अपनी पांच साल की मेहनत को जीत में बदलने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। अब 29 अप्रैल का दिन ही बताएगा कि किसकी रणनीति कामयाब होती है और बंगाल की सियासत किस दिशा में जाएगी।