पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में चुनावी प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है, जहां 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने यह बड़ा फैसला लिया। सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में शुरुआती घंटों में ही मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई। हालांकि, इस बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और स्थानीय मुद्दे भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
EVM विवाद के बाद री-पोलिंग का फैसला
दक्षिण 24 परगना की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के कुल 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इनमें 11 बूथ मगराहाट पश्चिम और 4 बूथ डायमंड हार्बर क्षेत्र में शामिल हैं। ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ और शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत यह कदम उठाया।
सुबह 9 बजे तक 16.23% मतदान दर्ज
पुनर्मतदान के दौरान मतदाताओं में उत्साह नजर आया। सुबह 9 बजे तक कुल 16.23% मतदान दर्ज किया गया। मगराहाट पश्चिम के बूथों पर 16.88% और डायमंड हार्बर में 15.83% मतदान हुआ। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
छेड़छाड़ के आरोप और वायरल वीडियो
चुनाव के दौरान कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिनमें ईवीएम के बटन पर टेप लगाए जाने का दावा किया गया। आरोप था कि कुछ उम्मीदवारों के चुनाव चिन्ह को छिपाने की कोशिश की गई। इन घटनाओं को लेकर मतदाताओं और राजनीतिक दलों ने शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।
और बूथों पर भी हो सकता है पुनर्मतदान
सूत्रों के अनुसार, फलता क्षेत्र के करीब 30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना जताई जा रही है। इस पर अंतिम फैसला चुनाव अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। शुरुआती जांच में मतदान से पहले किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले, जिससे शक मतदान के दौरान हुई घटनाओं पर गया है।
स्थानीय मुद्दों से भी नाराजगी
मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन कई मतदाताओं ने स्थानीय समस्याओं पर नाराजगी जताई। खराब सड़कें, पानी की कमी और बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों के गुस्से की वजह बनी। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें दोबारा मतदान की वजह की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।