लेबनान में बढ़ते सैन्य हमले और संघर्ष-विराम के उल्लंघन को लेकर जारी तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे संवाद की बात कही है। यह बातचीत मुख्य रूप से हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण और दोनों देशों के बीच स्थायी शांति स्थापित करने पर केंद्रित होगी।
इजरायल और लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध
बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे संवाद शुरू करने का बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि सरकार को जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
गवर्नमेंट प्रेस ऑफिस ऑफ इजरायल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के साथ बातचीत शुरू करने के लिए लेबनान के बार-बार अनुरोध को देखते हुए, मैंने सरकारी मीटिंग में जल्द से जल्द लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण और इजरायल और लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध बनाने पर केंद्रित होगी।
हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, इजरायल, लेबनान के प्रधानमंत्री की ओर से गुरुवार को बेरूत को डीमिलिटराइज करने के लिए की गई अपील की सराहना करता है। बता दें कि इजरायल के हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि ये कार्रवाइयां जारी रहीं तो हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर ही हैं।
आक्रामकता को संघर्ष-विराम समझौते का घोर उल्लंघन
ईरान ने लेबनान के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता को संघर्ष-विराम समझौते का घोर उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि इन आक्रमक कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा। ईरान अपने लेबनानी भाइयों और बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा। यह धोखे तथा संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है।
मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, लेबनान में इजरायल का फिर से घुसपैठ करना, शुरुआती संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है। यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है। इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा। हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं। ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा।