Suspected Bangladeshi Citizen --मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला से संदिग्ध विदेशी नागरिक को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। भोपाल एसटीएफ ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर करीब आठ साल से बौद्ध भिक्षु की पहचान के साथ यहां रह रहा था। जांच में उसके पास पासपोर्ट समेत करीब 12 संदिग्ध दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा भोपाल में उसके नाम से बैंक अकाउंट होने की जानकारी भी मिली है। एसटीएफ अब उसके दस्तावेजों, पहचान और भारत में रहने के दौरान की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
2018 से आमला में रहने की जानकारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति की पहचान रियाल चौधरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2018 से बैतूल के आमला क्षेत्र में रह रहा था और यहां बौद्ध भिक्षु के रूप में अपनी पहचान बनाकर रह रहा था। उसकी पहचान और दस्तावेजों को लेकर संदेह होने के बाद एसटीएफ ने जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर उसके पास मौजूद दस्तावेजों को लेकर सवाल खड़े हुए और टीम आमला पहुंची, जहां से उसे हिरासत में लिया गया।
पासपोर्ट समेत करीब 12 दस्तावेज संदिग्ध
एसटीएफ की जांच में उसके पास पासपोर्ट सहित करीब एक दर्जन पहचान संबंधी दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों को लेकर फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। आमला थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर के मुताबिक, भोपाल एसटीएफ की टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है और उसे पूछताछ के लिए भोपाल ले जाया गया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ये दस्तावेज किस तरह तैयार कराए गए और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
भोपाल में बैंक अकाउंट भी मिला
जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्ति के नाम से भोपाल में बैंक अकाउंट होने की जानकारी भी सामने आई है। एसटीएफ अब इस खाते से जुड़े लेन-देन और इसे संचालित किए जाने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध ने भारत में रहते हुए किन गतिविधियों को अंजाम दिया और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग रहे। बैंक खाते और दस्तावेजों की जांच से मामले की आगे की कड़ी सामने आने की उम्मीद है।
असम और ग्वालियर में रहने की भी जानकारी
पूछताछ में रियाल के असम और ग्वालियर समेत अन्य स्थानों पर रहने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। एसटीएफ अब अलग-अलग जगहों पर उसके रहने के दौरान इस्तेमाल की गई पहचान और दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही भारत में उसके प्रवेश, आमला पहुंचने और करीब आठ साल तक यहां रहने की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों और अन्य जानकारी का सत्यापन कर रही है, जिसके बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी।