
बुंदेलखंड के अधिकतर जनपदों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। चित्रकूट धाम मंडल के चारों जनपद बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। बेतवा और यमुना में जबरदस्त तूफान ने हमीरपुर को बुरी तरह प्रभावित किया है। वहीं बांदा में केन नदी और सीमावर्ती यमुना नदी के उफान ने बांदा की पैलानी तहसील के साथ अब बबेरू तहसील के गांवों में अपना रौद्र रूप दिखाया है। वहीं चित्रकूट जनपद के राजापुर क्षेत्र में भी यमुना नदी का कहर देखा जा रहा है। राजापुर क्षेत्र के कई मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।
दर्जनों गांवों में पानी पहुंचा
बांदा में कानपुर स्टेट हाईवे पर बाढ़ का पानी है। इसके कारण बांदा से कानपुर जाने के लिए रास्ते बंद हो गए हैं। दर्जनों गांवों में पानी पहुंच रहा है। ग्रामीण इन गांवों से पलायन कर रहे हैं। इस दौरान जिला प्रशासन के दावों के ठीक उलट बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं।
यमुना नदी खतरे के निशान पर
जानकारी के लिए आपको बता दें कि बांदा की मुख्य दो नदियां हैं। इनमें बाढ़ से पूरा बांदा प्रभावित हो जाता है। इसमें मध्य प्रदेश के पहाड़ों से आने वाली केन नदी है जो खतरे के निशान को पिछले 48 घंटे से छू रही है। वहीं बांदा के सीमावर्ती पैलानी तहसील और बेबेरू तहसील से फतेहपुर सीमा पर बहने वाली यमुना नदी है जो बांदा में खतरे के निशान से करीब 3 मीटर ऊंची बह रही है।
सड़क के किराने पॉलिथीन का तंबू बनाकर रह रहे
बांदा के पैलानी क्षेत्र के नांदा देव, पडोहरा, गौरीकला, सिंधन कला, सबादा जैसे दर्जनों गांव मौजूद हैं। ये पूरी तरह से पानी से घिर चुके हैं। यहां से पलायन जारी है, वहीं चिल्ला क्षेत्र में तमाम गांव पानी से घिर गए हैं और यहां से लोगों का पलायन हो रहा है। इन गांवों के बाढ़पीड़ित ग्रामीण अपना घर सामान छोड़ जानवरों के साथ सड़क के किराने पॉलिथीन का तंबू बनाकर रह रहे हैं।