हिंदू धर्म में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, जिसे भड़ली नवमी (भडरिया नवमी) कहा जाता है, अबूझ मुहूर्त के रूप में मानी जाती है। इस दिन बिना पंचांग देखे विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। लेकिन इस साल 4 जुलाई 2025 को पड़ रही भड़ली नवमी पर विवाह नहीं हो सकेंगे।
क्या है वजह?
दरअसल, ज्योतिष अनुसार विवाह जैसे शुभ कार्य तभी होते हैं जब गुरु ग्रह उदय अवस्था में हो। लेकिन इस बार 12 जून से 9 जुलाई तक गुरु अस्त अवस्था में हैं। ऐसे में भले ही भड़ली नवमी हो, पर विवाह करना वर्जित माना गया है।
सिर्फ यही नहीं, 6 जुलाई से चातुर्मास भी शुरू हो रहा है, जो 2 नवंबर तक रहेगा। इन चार महीनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, गृहप्रवेश, मुंडन आदि नहीं किए जाते।
अब कब होंगे विवाह?
चातुर्मास समाप्त होने के बाद नवंबर और दिसंबर 2025 में फिर से मांगलिक कार्य आरंभ होंगे। नवंबर और दिसंबर में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।
नवंबर 2025 में विवाह के मुहूर्त:
2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25, 30
दिसंबर 2025 में विवाह के मुहूर्त:
4, 5, 6