मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य छात्रों में नैतिकता, आचरण और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है। इसके लिए सभी सरकारी और निजी कॉलेजों को आदेश जारी किए गए हैं। इच्छुक छात्र 27 अगस्त 2025 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
मूल्य आधारित शिक्षा की ओर कदम
श्रीमद्भगवद्गीता को केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन का अद्वितीय मार्गदर्शन माना जाता है। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे छात्रों में सकारात्मक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों की समझ विकसित होगी। यह पहल युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ जीवन में संतुलन और आध्यात्मिक चेतना की ओर भी अग्रसर करेगी।
श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत शुरुआत
यह ऑनलाइन शिक्षा पहल ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत शुरू की गई है। योजना का उद्देश्य युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना और उन्हें ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों की भी शिक्षा देना है। विभाग ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे छात्रों को इस पाठ्यक्रम में पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करें।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कक्षाओं का शेड्यूल
इच्छुक छात्र 27 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके बाद पंजीकृत छात्रों के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। यह कक्षाएं वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर होंगी, जिससे छात्र कहीं से भी इसमें भाग ले सकेंगे। इससे न केवल शिक्षा का दायरा बढ़ेगा बल्कि छात्रों को तकनीकी रूप से भी और सक्षम बनाया जाएगा।