केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आज 10 बड़ी ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने भारत बंद बुलाया है. इस हड़ताल में बैंक, परिवहन और कई सेवाएं बाधित हैं. विशेष रूप से केरल में पूरी तरह जनजीवन ठप्प रहा, वहीं तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में प्रभाव कम ही दिखा. इस बंद को लेकर पुलिस और यूनियन कार्यकर्ताओं के बीच कोलकाता में टकराव भी हुआ, लेकिन तमिलनाडु में सरकारी आदेशों का पालन किया.
कोलकाता- शहर में बनी टकराव की स्थिति
वामपंथी यूनियन कार्यकर्ता एक बस को रास्ता देने के लिए सड़क जाम कर रहे थे, लेकिन कोलकाता पुलिस ने उन्हें हटाया. इस दौरान दोनों तरफ से जुबानी जंग और झड़प की स्थिति बनी. ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि केंद्र सरकार की श्रम सुधार नीतियां श्रमिकों को कमजोर कर रहीं हैं.
तमिलनाडु— बंद का असर नहीं
तिरुप्पुर जिले में आज ‘भारत बंद’ का असर नहीं दिखा. 540 राज्य बसें सामान्य रूप से चल रहीं हैं. तमिलनाडु सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों को सख्त चेतावनी दी है कि ‘नो वर्क नो पे’ नियम लागू होगा, गैरहाजिरी वाले कर्मचारियों का वेतन काटा जा सकता है. तमिलनाडु सरकार ने चिट्ठी जारी कर कर्मचारियों को चेताया है , ’अनधिकृत हाज़िरी पर वेतन कटेगा और अनुशासनात्मक कारवाई की जाएगी’.
केरल—पूरी तरह से बंद
केरल में कोट्टायम और कोच्चि जैसे शहरों में दुकानें, शॉपिंग मॉल और परिवहन सेवाएं पूरी तरह बंद रही. 10 केंद्रीय यूनियन और किसानों के समर्थन से सभी बसें, ऑटो, टैक्सी सहित कई सेवाएं रुक गईं. यूनियन का कहना है कि उनकी 17 मांगों को जल्द पूरा किया जाए.
पूरे देश में हड़ताल का असर
लगभग 25 करोड़ श्रमिक हड़ताल में शामिल हुए हैं जिसका असर बैंकों, कोयला खनन, पोस्ट ऑफिस, पीएसयू, परिवहन, बिजली आदि सेक्टरों में पड़ा है. जबकि स्कूल-कॉलेज चल रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन और बैंकिंग सेवाओं में आज लोगों को असुविधा बनी रही.