भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में 23 जून 2026 को बड़ा एक्शन हुआ है। भरत की मां आशा देवी की शिकायत पर 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। भोजपुर SP राज ने पुष्टि की कि शाहपुर थाने में FIR दर्ज की गई है। 5 पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। भरत की मां आशा देवी ने FIR में आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद गोली मारी दी गई। भरत ने फेसबुक लाइव के दौरान हथियार फेंक दिया था और सरेंडर कर दिया था।
5 गोलियां मारी गईं
पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर गिराकर कई गोलियां मारीं। भरत को 5 गोलियां लगीं। ये कार्रवाई DSP के आदेश पर की गई। पुलिस का दावा है कि 17 जून को एनकाउंटर हुआ। भरत ने पुलिस टीम पर 10-12 राउंड गोलियां चलाईं थीं, जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। भरत के आखिरी फेसबुक लाइव में दिखा कि उसने पिस्टल जमीन पर फेंक दी थी। इसके बाद लाइव बंद हो गया।
रिटायर्ड जज की अगुवाई में समिति मांगी
हथियार फेंकने के बाद भी गोली मारी गई। CM सम्राट चौधरी ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जज से न्यायिक जांच के निर्देश दिए हैं। 20 जून को ही 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। ये केस में चौथी FIR है। पहले भरत, उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी पर भी FIR हुई थी। मामला कोर्ट तक पहुंचा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील गौरव द्विवेदी ने PIL दायर की। वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दायर कर CBI जांच के साथ सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में समिति मांगी।
बाढ़ पीड़ितों के मुद्दे उठाता था
मुजफ्फरपुर के वकील SK झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में याचिका दी। फर्जी एनकाउंटर बताकर मुआवजे की मांग। 17 जून 2026 को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में एनकाउंटर हुआ था। भरत तिवारी 28 साल का युवक था जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया। बाढ़ पीड़ितों के मुद्दे उठाता था।