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bharat trade UK: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 24 जुलाई 2025 को साइन हो गया. यह करार बीते तीन सालों से बातचीत के बाद पूरा हुआ है. इस समझौते के तहत अब भारत के 99% सामानों को UK में बिना किसी टैक्स के भेजा जा सकेगा, जबकि UK के 99% सामान भारत में औसतन 3% टैरिफ पर आएंगे. इसका सबसे सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि अब ब्रिटेन से आने वाले व्हिस्की, लग्जरी कारें, ब्रांडेड कपड़े, चॉकलेट, बिस्किट, कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइस जैसी चीजें काफी सस्ती हो जाएंगी. उदाहरण के लिए, स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ 150% से घटकर 75% हो जाएगा, जिससे 5000 रुपए की बोतल अब 3500 रुपए में मिल सकती है। वहीं, ब्रिटिश कारों पर टैरिफ 100% से घटकर 10% के कोटा सिस्टम में आ जाएगा.
भारत के कई सेक्टरों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस समझौते का फायदा सिर्फ आम उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि भारत के प्रमुख सेक्टरों को भी मिलेगा. टेक्सटाइल, ज्वेलरी, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग उपकरण और फार्मा उद्योग को नए बाजार और कम टैक्स का लाभ मिलेगा. खासतौर पर भारत से UK को निर्यात होने वाले कपड़ों पर अब टैक्स नहीं लगेगा, जिससे तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे शहरों में एक्सपोर्ट 40% तक बढ़ सकता है. चमड़े और गहनों पर टैक्स खत्म होने से छोटे और मझोले कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर मौका मिलेगा. वहीं, भारतीय जेनेरिक दवाइयों को UK की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से जगह मिल सकेगी.
रोजगार और निवेश को मिलेगा बूस्ट
इस समझौते से भारतीय अर्थव्यवस्था को कई स्तर पर लाभ होगा. टेक्सटाइल और चमड़ा जैसे लेबर इंटेंसिव सेक्टर में नई नौकरियों का सृजन होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. करीब 6 करोड़ MSMEs को नए बाजार मिलेंगे और उनके मुनाफे में इजाफा होगा. साथ ही, UK की कंपनियां भारत के IT, फाइनेंशियल सर्विसेज और ग्रीन टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश बढ़ाएंगी. अनुमान है कि यह करार 2030 तक भारत-UK व्यापार को दोगुना कर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचाएगा और भारत के 100 बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा. यह डील लागू होने से पहले दोनों देशों की संसद और कैबिनेट की अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसकी उम्मीद अगले साल तक है.