क्या आपने कभी ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में सुना है, जहां टिकट लेने के लिए आपको अपने ही राज्य से दूसरे राज्य जाना पड़े? अगर नहीं सुना तो अब जानिए मध्य प्रदेश के एक ऐसे अनोखे रेलवे स्टेशन के बारे में, जो पूरे देश में अपनी यूनिक स्थिति के कारण चर्चा में रहता है। यह स्टेशन दो राज्यों की सीमाओं पर इस तरह बना है कि एक प्लेटफॉर्म पर खड़े होने से आप मध्य प्रदेश में होते हैं और अगले कदम पर ही राजस्थान में। इस स्टेशन पर सफर करना जितना आसान है, उतना ही यह जिज्ञासा से भर देने वाला अनुभव भी है। यहां ट्रेन का इंजन एक राज्य में खड़ा होता है और डिब्बे दूसरे में। इस स्टेशन का नाम है भवानी मंडी रेलवे स्टेशन, जो भारतीय रेलवे के अजब-गजब स्टेशनों में गिना जाता है। इस स्टेशन पर यात्रियों को हर रोज़ दो राज्यों की सीमा पार करने का एहसास होता है। आइए जानें इस यूनिक स्टेशन की खासियत।
स्टेशन जो दो राज्यों में बंटा है
भवानी मंडी रेलवे स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बसा हुआ है। स्टेशन का एक हिस्सा एमपी के मंदसौर जिले में आता है जबकि दूसरा हिस्सा राजस्थान के झालावाड़ जिले में। यही कारण है कि यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए कभी-कभी दूसरे राज्य की तरफ जाना पड़ता है।
अनोखा अनुभव यात्रियों के लिए
यात्रियों के लिए यह अनुभव बड़ा ही रोमांचक होता है। कोई यात्री यदि एमपी की तरफ खड़ा है और टिकट खिड़की राजस्थान में है, तो उसे टिकट लेने के लिए राज्य पार करना पड़ता है। यही नहीं, स्टेशन के साइन बोर्ड पर भी दोनों राज्यों के नाम एक साथ लिखे रहते हैं, जो लोगों को चौंका देता है।
हर दिन रुकती हैं 50 से ज्यादा ट्रेनें
इस स्टेशन पर हर दिन करीब 50 से अधिक ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें पैसेंजर से लेकर एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें शामिल हैं। हजारों लोग इस स्टेशन से सफर करते हैं और अनजाने में ही दो राज्यों की सीमा को पार करते हैं।
भारत के सबसे अनोखे रेलवे स्टेशनों में से एक
भवानी मंडी रेलवे स्टेशन भारत के उन चुनिंदा रेलवे स्टेशनों में शामिल है जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यूनिक बन चुके हैं। अगर आप भी किसी ट्रिप पर हों और कुछ नया देखना चाहें तो भवानी मंडी स्टेशन जरूर जाएं। यहां जाना किसी अजूबे से कम नहीं।