पीयूष गोयल ने शनिवार को ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ यानी ‘भव्य’ स्कीम की गाइडलाइंस जारी करने का ऐलान किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
33,660 करोड़ रुपये का बड़ा बजट
सरकार ने इस योजना के लिए 33,660 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। योजना का मकसद राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क तैयार करना है, ताकि उद्योगों को तेजी से स्थापित करने और संचालन में आसानी मिल सके। सरकार इसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
क्या होंगे इन पार्कों के फायदे
इन इंडस्ट्रियल पार्कों में कंपनियों को पहले से तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। यानी उद्योगों को जमीन, बिजली, सड़क और अन्य सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे नए निवेशकों को आकर्षित करने और उत्पादन गतिविधियों को तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
भारत सरकार इस योजना को चरणों में लागू करेगी। पहले चरण में 20 इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए जाएंगे। इसके बाद अगले चरण में 30 और पार्कों पर काम शुरू होगा। सरकार का कहना है कि राज्यों के सहयोग से इसे तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। इससे छोटे और बड़े उद्योगों को नई जगह मिलेगी, स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे और कई राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिल सकती है।