मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) वॉर्ड की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। हादसे के वक्त वॉर्ड में नवजात बच्चों को दूध पिला रही महिलाएं मौजूद थीं। मलबा गिरने से तीन महिलाएं और एक नवजात घायल हो गए, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में दहशत फैल गई।
अचानक गिरी छत, मचा हड़कंप
रविवार दोपहर करीब 1 बजे वॉर्ड में अचानक तेज आवाज के साथ छत का प्लास्टर टूटकर बेड के पास गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद महिलाएं और परिजन घबरा गए और अपने बच्चों को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही सेकंड में पूरे वॉर्ड में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घायलों को ट्रॉमा सेंटर में किया गया भर्ती
घटना के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायलों को बाहर निकालकर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। एहतियात के तौर पर वॉर्ड में भर्ती अन्य नवजात बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि SNCU वॉर्ड पहले से ही जर्जर हालत में था, बावजूद इसके यहां नवजात बच्चों को रखा जा रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पुरानी बिल्डिंग, पहले भी उठ चुके सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार जिला अस्पताल की यह बिल्डिंग काफी पुरानी और कमजोर है। कई बार छत और दीवारों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक संरचनात्मक सुधार पर गंभीरता से काम नहीं किया गया। इस हादसे ने एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन का जवाब और जांच की बात
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का आश्वासन दिया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।