आंध्र प्रदेश को 1 अगस्त को नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके शुरू होने के बाद उत्तर आंध्र प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह राज्य का चौथा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के प्रमुख कमर्शियल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
4,750 करोड़ रुपये की लागत से तैयार
भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 4,750 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। लगभग 2,203 एकड़ में फैले इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में 78,000 वर्गमीटर का आधुनिक पैसेंजर टर्मिनल बनाया गया है। यहां हर साल करीब 4 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। इसके अलावा कार्गो टर्मिनल, आधुनिक बैगेज सिस्टम, चेक-इन सुविधाएं और पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को बेहतर और तेज सेवाएं मिलेंगी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ने की संभावना है। एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम, बड़े लाउंज, तेज बैगेज प्रोसेसिंग और भविष्य में नई उड़ानों के विस्तार की सुविधा भी उपलब्ध होगी। टर्मिनल का डिजाइन उत्तर आंध्र की संस्कृति से प्रेरित 'फ्लाइंग फिश' थीम पर तैयार किया गया है।
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विशाखापट्टनम एयरपोर्ट रहेगा चालू
भोगापुरम एयरपोर्ट शुरू होने के बाद भी विशाखापट्टनम एयरपोर्ट बंद नहीं होगा। फिलहाल विशाखापट्टनम एयरपोर्ट भारतीय नौसेना के आईएनएस डेगा के साथ साझा सुविधाओं पर संचालित होता है, जहां विस्तार की सीमाएं हैं। ऐसे में बढ़ती यात्री संख्या और नई उड़ानों का बड़ा हिस्सा अब भोगापुरम एयरपोर्ट संभालेगा।
कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इस एयरपोर्ट का सबसे बड़ा लाभ विशाखापट्टनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, पर्वतीपुरम मन्यम, अल्लूरी सीताराम राजू और पूर्वी गोदावरी के कई इलाकों के लोगों को मिलेगा। बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, उद्योग, आईटी, लॉजिस्टिक्स, होटल, रिटेल और अन्य कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही एयरपोर्ट संचालन और इससे जुड़े क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
उत्तर आंध्र की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि भोगापुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर आंध्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा। उनके अनुसार, यह परियोजना केवल बेहतर हवाई संपर्क ही नहीं देगी, बल्कि पर्यटन, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी। सरकार का मानना है कि यह एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।