धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है। 6 अप्रैल से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू हो रही है। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट, साइट की वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर विस्तार से बहस होगी, जिससे इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की दिशा तय हो सकती है।
रोज सुनवाई से बढ़ी मामले की रफ्तार
Madhya Pradesh High Court Indore Bench में अब भोजशाला विवाद की सुनवाई रोजाना होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच सभी याचिकाओं को एक साथ सुन रही है। सोमवार दोपहर से शुरू हुई यह प्रक्रिया मामले को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पहले याचिकाकर्ता, फिर आपत्ति पक्ष रखेगा पक्ष
पिछली सुनवाई में अदालत ने साफ कर दिया था कि पहले याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जाएंगी। इसके बाद आपत्ति दर्ज कराने वाले पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। इस क्रम से सुनवाई होने से हर पक्ष को पूरा अवसर देने की कोशिश की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को दी अंतिम जिम्मेदारी
Supreme Court of India पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस विवाद का अंतिम निर्णय हाईकोर्ट ही करेगा। शीर्ष अदालत ने कहा था कि ASI की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और उससे जुड़ी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लिया जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि परिसर की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
ASI रिपोर्ट में सामने आए ऐतिहासिक तथ्य
Archaeological Survey of India की सर्वे रिपोर्ट पहले ही अदालत में पेश हो चुकी है। रिपोर्ट में भोजशाला परिसर में 106 स्तंभ और 32 शिलालेख मिलने का उल्लेख है। इनमें प्राचीन काल की नक्काशी, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमाण दर्ज हैं, जो इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व को और मजबूत करते हैं।
राजा भोज से लेकर मुस्लिम शासन तक के प्रमाण
रिपोर्ट के अनुसार 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और अर्जुन वर्मन के समय निर्माण और साहित्यिक गतिविधियों के साक्ष्य मिले हैं। वहीं कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है, जिसमें दिलावर खान के शासन की जानकारी सामने आई है। इससे यह मामला ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से और अधिक जटिल हो गया है।