मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार दोपहर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई। इस दौरे को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। एएसआई टीम की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस निरीक्षण को आगामी सुनवाई के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
औचक निरीक्षण से बढ़ी हलचल
भोजशाला परिसर में न्यायमूर्ति दोपहर करीब 1:52 बजे पहुंचे। उनके साथ जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और ऐतिहासिक संरचना की स्थिति को समझने की कोशिश की।
एएसआई टीम के साथ गहन मुआयना
निरीक्षण के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम भी मौके पर मौजूद रही। न्यायमूर्ति ने भोजशाला के स्तंभों, शिलालेखों और वास्तुकला का गहराई से अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें सर्वेक्षण और उत्खनन से जुड़े अहम तथ्यों से अवगत कराया गया।
सुरक्षा के बीच जारी रहा निरीक्षण
भोजशाला परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। अंदर निरीक्षण जारी रहा, जबकि बाहर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
धार किला म्यूजियम भी जा सकते हैं जज
संभावना जताई जा रही है कि निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति धार किला स्थित म्यूजियम का भी दौरा कर सकते हैं, जहां सर्वे के दौरान मिले कई पुरातात्विक अवशेष सुरक्षित रखे गए हैं।
2 अप्रैल की सुनवाई अहम
भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद और वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बीच अब सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। यह निरीक्षण अदालत में प्रस्तुत होने वाले तथ्यों को प्रभावित कर सकता है।