इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला विवाद में अब एक नया आयाम जुड़ गया है। अब तक हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच चल रहे इस बहुचर्चित मामले में जैन समाज ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है। जैन समाज की ओर से इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर यह दावा किया गया है कि एएसआई सर्वे के दौरान यहां जैन धर्मस्थल होने के प्रमाण मिले हैं, जिस पर जल्द सुनवाई की संभावना है।
जैन समाज का दावा: सर्वे में मिले धार्मिक साक्ष्य
भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच जैन समाज ने अपनी याचिका में कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जांच के दौरान ऐसे प्रमाण सामने आए हैं, जो इस स्थल को जैन धर्म से जुड़ा बताते हैं। याचिका में इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट ने मांगे थे सभी पक्षों से जवाब
इससे पहले हाईकोर्ट ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षकारों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव अदालत में प्रस्तुत करें। इसके बाद हिंदू और मुस्लिम पक्ष समेत अन्य संबंधित पक्षों ने अपने-अपने आवेदन कोर्ट में दाखिल किए, जिन पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
कोर्ट ने खुद निरीक्षण की जताई मंशा
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में करीब डेढ़ घंटे तक विस्तृत बहस हुई। इसी दौरान खंडपीठ ने यह भी संकेत दिए कि कोर्ट स्वयं भोजशाला परिसर का निरीक्षण कर सकती है। बताया जा रहा है कि यह निरीक्षण 2 अप्रैल से पहले किया जा सकता है, जिससे मामले की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।
2 अप्रैल से लगातार होगी सुनवाई
अदालत ने इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल से लगातार करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस दौरान सभी पक्षों के दावों और एएसआई रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण बहस होगी, जिससे केस की दिशा तय हो सकती है।
विवाद में बढ़ती परतें, फैसला होगा अहम
अब जैन समाज की एंट्री के बाद भोजशाला विवाद और जटिल हो गया है। पहले से ही धार्मिक और ऐतिहासिक दावों के बीच उलझे इस मामले में एक और पक्ष के जुड़ने से अदालत के सामने तथ्यों की परतें और बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट का रुख इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।