Bhopal Crime Minor Murder Case ---भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पुलिस जांच में गंभीर साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले किशोर से दोस्ती की और फिर उसे बहाने से सुनसान जगह ले जाकर हत्या कर दी। जांच में मुख्य आरोपी के खुद को डॉक्टर बताने और अपने साथियों को करोड़ों रुपये कमाने का लालच देने की बात सामने आई है। मामले में पांच आरोपियों को पकड़ा गया है।
दोस्ती के बाद 100 रुपये का दिया लालच
पुलिस के अनुसार, मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन और चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। इसके बाद 6 अगस्त को दो नाबालिग उसे इकबाल मैदान में मिले और खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद की बात कहकर अपने साथ चलने को कहा। इसके बदले उसे 100 रुपये देने की बात कही गई।
किशोर आरोपियों की बातों में आ गया और उनके साथ चल पड़ा। रास्ते में एक और नाबालिग भी उनके साथ जुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, चारों किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की ओर ले गए। इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब खान मोबाइल के जरिए लगातार उनके संपर्क में था।
सुनसान जगह पर किया हमला
पुलिस की जांच के मुताबिक, धोबीघाट के पास पहुंचने के बाद आरोपियों ने सुनसान जगह देखकर किशोर पर हमला कर दिया। पीछे से अचानक वार किए जाने के बाद वह संभल नहीं पाया। इसके बाद आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और चाकू से कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण किशोर की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपियों ने मुख्य आरोपी जोहेब को वीडियो कॉल किया। इसी दौरान जोहेब ने कथित तौर पर उन्हें आगे के निर्देश दिए। जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले पूरी घटना को लेकर आरोपियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था।
करोड़ों रुपये कमाने का लालच देने का आरोप
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी जोहेब खान खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर नाबालिग लड़के की हत्या के बदले 1.20 करोड़ रुपये मिलने का लालच दिया था। इसी लालच में आरोपियों ने किशोर को निशाना बनाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में केवल पकड़े गए आरोपी शामिल थे या उनके संपर्क में और लोग भी थे।
चाकू और मोबाइल फोन बरामद
श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात से पहले किशोर की किन लोगों से बातचीत हुई थी। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के बयानों का घटनास्थल, पोस्टमॉर्टम और दूसरे साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
10 अगस्त को मिला था शव
पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों, चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों तक पहुंची। अब परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले में फर्जी डॉक्टर बताए जा रहे 20 वर्षीय जोहेब खान, 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा है। जांच एजेंसी अब पूरी साजिश और संभावित अन्य कड़ियों की पड़ताल कर रही है।