राजधानी भोपाल के प्रशासनिक नक्शे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अरेरा हिल्स स्थित चार दशक पुराने सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन को तोड़कर उनकी जगह एक हाईटेक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित परियोजना को नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर डिजाइन किया जाएगा, जहां एक ही परिसर में 59 शासकीय विभाग आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके प्राथमिक स्वरूप को हरी झंडी दे दी है।
चार दशक पुरानी इमारतों का होगा पुनर्विकास
अरेरा हिल्स पर स्थित दोनों भवनों का कुल बिल्ट-अप एरिया करीब 76,500 वर्गमीटर है। समय के साथ बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों और जर्जर होती संरचनाओं को देखते हुए सरकार ने इनके पुनर्विकास का निर्णय लिया है। नई परियोजना के तहत यहां लगभग 1,60,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में आधुनिक कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जो वर्तमान क्षेत्रफल से लगभग दोगुना होगा।
ट्विन टावर मॉडल और मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा
प्रस्तावित डिजाइन में कोर्टयार्ड एनेक्सी बिल्डिंग होगी, जो ट्विन टावर की तरह आपस में जुड़ी रहेगी। इसमें मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा दी जाएगी, जहां चार से पांच मंजिल तक वाहन सीधे संबंधित कार्यालय फ्लोर तक पहुंच सकेंगे। 14 घुमावदार रास्तों के साथ यह मॉडल प्रशासनिक पहुंच को सुगम बनाएगा और पार्किंग संकट को भी खत्म करेगा।
ग्रीन एरिया चार गुना, 12 नए टावर प्रस्तावित
नए प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में 12 टावर विकसित करने की योजना है। खास बात यह है कि ग्रीन एरिया को 5.84 हेक्टेयर से बढ़ाकर 22.46 हेक्टेयर किया जाएगा, यानी चार गुना विस्तार। भवन की रूपरेखा इस तरह तैयार की जाएगी कि यह केवल सरकारी दफ्तर न रहकर एक व्यू-पॉइंट की तरह भी विकसित हो, जहां नागरिक परिवार के साथ आ सकें।
जीरो-फाइनेंस मॉडल पर होगा निर्माण
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जीरो-फाइनेंस मॉडल पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत ग्रीन एनर्जी क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की भागीदारी से निर्माण कार्य किया जा सकता है। हाउसिंग बोर्ड को 30 जून तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) अंतिम रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्चस्तरीय बैठक में इस परियोजना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जा चुकी है।
एकीकृत प्रशासन से आमजन को राहत
वर्तमान में भोपाल में अधिकांश सरकारी कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। नए समेकित प्रशासनिक केंद्र के बनने से 59 विभाग एक ही परिसर में कार्य करेंगे। इससे फाइल मूवमेंट, समन्वय और सेवा वितरण में तेजी आएगी। आम नागरिकों को भी विभिन्न विभागों से जुड़े काम एक ही स्थान पर निपटाने की सुविधा मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।