मध्य प्रदेश के भोपाल एयरपोर्ट से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की राह अब आसान होती दिख रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने ‘इंटरनेशनल कनेक्टिविटी स्कीम’ के तहत छोटे और गैर-प्रमुख हवाई अड्डों को वैश्विक रूट से जोड़ने के लिए नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत एयरलाइनों को आर्थिक रियायतें दी जाएंगी, जिससे वे भोपाल समेत अन्य 12 हवाई अड्डों से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट को क्लस्टर-1 में रखा गया है, जहां लैंडिंग फीस में छूट और यूजर डेवलपमेंट फीस में हिस्सेदारी जैसी सहूलियतें मिलेंगी। इस पहल सेy use यात्रियों को सीधे इंटरनेशनल ट्रैवल की सुविधा मिलेगी, जिससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि भोपाल की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के मुताबिक, इस योजना से इंफाल, अगरतला, वडोदरा जैसे शहरों को भी फायदा होगा। सरकार की यह रणनीति छोटे शहरों में टूरिज्म, इन्वेस्टमेंट और बिज़नेस के अवसरों को भी पंख दे सकती है।
AAI की योजना से खुलेगा इंटरनेशनल रूट का रास्ता
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की इस योजना का मकसद है कि देश के उन हवाई अड्डों से भी इंटरनेशनल उड़ानें शुरू हों, जो अब तक सिर्फ घरेलू उड़ानों तक सीमित रहे हैं। इसमें भोपाल को लेकर विशेष योजना बनाई गई है, जिसमें एयरलाइनों को लैंडिंग चार्ज में छूट, रियायती दरों पर सुविधाएं और यूजर डेवलपमेंट फीस में हिस्सा शामिल है।
भोपाल को क्लस्टर-1 में मिली जगह, सीधे होंगे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
इस योजना में कुल 13 एयरपोर्ट शामिल हैं, जिन्हें तीन क्लस्टर में बांटा गया है। भोपाल, वडोदरा, इंफाल और अगरतला को क्लस्टर-1 में रखा गया है। इनमें से किसी से भी फिलहाल कोई सीधी इंटरनेशनल फ्लाइट नहीं चलती। AAI की योजना है कि इन हवाई अड्डों को जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ा जाए।
सीधी उड़ानों से यात्रियों को होगी राहत
वर्तमान में भोपाल के यात्री अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे शहरों पर निर्भर हैं। सीधी फ्लाइट शुरू होने से यात्रियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही, विदेशों से आने वाले पर्यटक और कारोबारी भी सीधे भोपाल पहुंच सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।