भोपाल में पकड़े गए 26 टन गोमांस के मामले ने एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यहां से मांस अरब देशों तक भेजा जा रहा था, जबकि हड्डियां चीन पहुंचाई जाती थीं। स्लॉटर हाउस संचालक, ड्राइवर और नगर निगम से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हो गई है।
PHQ के सामने पकड़ा गया था बड़ा खेप
17 दिसंबर की रात पुलिस ने भोपाल में मुख्य मार्ग पर एक कंटेनर ट्रक को रोका था, जिसमें करीब 26 टन मांस भरा मिला। जांच के दौरान संदेह गहराया और पूछताछ आगे बढ़ी तो पता चला कि यह खेप सिर्फ स्थानीय सप्लाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे मुंबई भेजकर वहां से गल्फ देशों तक निर्यात किया जाना था। इसी कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू हुआ।
मुख्य आरोपी और 16 घंटे की पूछताछ
स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। उससे दो अलग-अलग अधिकारियों ने करीब 16 घंटे तक पूछताछ की। शुरुआत में वह मांस को अपना मानने से इनकार करता रहा, लेकिन बाद में पैकिंग स्लॉटर हाउस में होने की बात स्वीकार की। उसने यह भी दावा किया कि माल किसी एग्रो फूड कंपनी का था। पुलिस ने उसके कारोबारी साझेदारों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
ड्राइवर की स्वीकारोक्ति और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
ट्रक ड्राइवर शोएब ने पूछताछ में बताया कि उसे एक ट्रिप के लिए 10 से 15 हजार रुपये दिए जाते थे। हालांकि उसने कंटेनर में गोमांस होने की जानकारी से इनकार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि असलम का कारोबार कई राज्यों—बिहार, बेंगलुरु, हैदराबाद और महाराष्ट्र—तक फैला था। मांस को शिपिंग कंटेनरों के जरिए मुंबई पहुंचाकर विदेश भेजा जाता था, जबकि हड्डियों का रूट चीन तक जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
रिमांड और पूछताछ जारी
असलम और ड्राइवर शोएब को प्रोडक्शन वारंट पर 25 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई चेन, फाइनेंसिंग और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पूरा खाका तैयार किया जा सके। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव मानी जा रही हैं।
नगर निगम की भूमिका और निलंबन
जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस को लेकर नगर निगम से जुड़ी अनियमितताएं भी उजागर हुई हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी पत्र के आधार पर मांस बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। इस मामले में एक वेटनरी डॉक्टर को सस्पेंड किया गया है, वहीं स्लॉटर हाउस में तैनात कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कुछ अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं, जिससे साफ है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।