भोपाल में नशीले कफ सिरप के बड़े अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियां लगातार नए राज खोल रही हैं। गांधीनगर क्षेत्र में हुई कार्रवाई में भारी मात्रा में बरामद कफ सिरप के तार अब मुबारकपुर तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें सप्लाई, स्टोरेज, पैकेजिंग और वितरण के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
मुबारकपुर तक फैला अवैध कारोबार
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि नशीले कफ सिरप का अतिरिक्त स्टॉक मुबारकपुर क्षेत्र में भी छिपाकर रखा गया था। इस जानकारी के बाद जांच टीमों ने संभावित ठिकानों पर सर्च अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि नेटवर्क के अन्य ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हो सकती है।
75 हजार बोतलों की बरामदगी से मचा हड़कंप
कार्रवाई के दौरान एक मकान से करीब 75 हजार बोतल नशीले कफ सिरप जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामले में तीन नाबालिगों सहित 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से इस कारोबार को संचालित कर रहे थे।
नाबालिगों का किया जा रहा था इस्तेमाल
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि अवैध कारोबार में नाबालिगों को पैकेजिंग और अन्य सहायक कार्यों में लगाया जाता था। उन्हें माल तैयार करने, रेपर बदलने और पैकेट व्यवस्थित करने जैसे काम सौंपे जाते थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि बच्चों को इस नेटवर्क से जोड़ने के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
रेपर बदलकर होती थी सप्लाई
जांच में खुलासा हुआ है कि कफ सिरप के असली लेबल हटाकर नए रेपर लगाए जाते थे, ताकि माल की पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद इसे शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। अधिकारियों का मानना है कि इस तरीके से लंबे समय से अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।
फरार आरोपियों और सप्लाई चेन की तलाश
मामले में दो आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सिरप कहां से आता था, किन माध्यमों से इसकी पैकेजिंग होती थी और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती थी। जांच का दायरा अब मकान मालिक और किरायेदार की भूमिका तक भी पहुंच चुका है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।