राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से युवतियों में दहशत फैलाने वाला ‘कटर मैन’ आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। सुनसान इलाकों में पीछे से हमला कर फरार हो जाने वाला यह आरोपी शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुका था। देर रात की गई घेराबंदी के बाद उसकी गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है, हालांकि पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
किन इलाकों में फैला था डर
पिपलानी, सोनागिरी और अयोध्या नगर जैसे क्षेत्रों में अचानक हुए हमलों से पूरे शहर में खौफ का माहौल बन गया था। खासकर छात्राएं और कामकाजी महिलाएं शाम के बाद बाहर निकलने से कतराने लगी थीं। कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर जाने से रोक दिया था, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित होने लगी थी।
कौन है आरोपी और क्या थी वजह
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सागर निवासी देवेंद्र अहिरवार के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि वह पत्नी से हुए घरेलू विवाद के बाद अपना गुस्सा राह चलती युवतियों पर निकाल रहा था। मानसिक तनाव और आक्रोश में की गई इन वारदातों ने उसे शहर का सबसे चर्चित अपराधी बना दिया था।
इनाम और बड़ी पुलिस कार्रवाई
आरोपी को पकड़ने के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें दस से अधिक पुलिसकर्मी लगातार निगरानी में जुटे रहे। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संदिग्धों की सूची और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से मिलान किया गया। कई थानों में पहले ब्लेड से हमला करने या छेड़छाड़ के मामलों में पकड़े गए लोगों से भी पूछताछ की गई।
कैसे देता था पुलिस को चकमा
देवेंद्र हमेशा सिर पर टोपी पहनता और काली बाइक से घूमता था, ताकि पहचान छुपी रहे। वह अंधेरी और सुनसान गलियों को ही निशाना बनाता, जहां मदद मिलने की संभावना कम हो। वारदात के बाद वह तेजी से इलाके से निकल जाता था, जिससे शुरुआत में उसकी तलाश मुश्किल हो रही थी।
घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी, अब कोर्ट में पेशी
आखिरकार पुलिस को पुख्ता सुराग मिला और छोला इलाके में देर रात घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। आज उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी है, ताकि अन्य संभावित वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें और बच्चों व युवतियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखें।