भोपाल में धमकी भरे ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के दो बड़े संस्थानों के बाद अब नापतौल विभाग को भी साइनाइड गैस से हमले की धमकी मिली है। ईमेल में दावा किया गया कि विभाग के कार्यालय में 16 साइनाइड गैस सिलेंडर या विस्फोटक लगाए गए हैं, जो दोपहर 1 बजे फट जाएंगे। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया।
ईमेल से मचा हड़कंप, कर्मचारियों में डर का माहौल
राजधानी में उस समय हड़कंप मच गया जब नापतौल विभाग के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। मेल में लिखा गया था कि कार्यालय परिसर में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रख दिए गए हैं, जो तय समय पर विस्फोट कर पूरे भवन को तबाह कर देंगे। यह संदेश सामने आते ही विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच भय और असमंजस का माहौल बन गया।
सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं, शुरू हुआ तलाशी अभियान
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट किया गया। बम निरोधक दस्ता और विशेषज्ञ टीमों ने विभाग के पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। इमारत के हर हिस्से की तलाशी ली गई ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता लगाया जा सके। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री या सिलेंडर बरामद नहीं हुआ।
ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी जांच टीम
घटना को गंभीरता से लेते हुए साइबर विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी किसने और कहां से भेजी। तकनीकी माध्यमों के जरिए मेल के आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके।
लगातार मिल रहीं धमकियों से बढ़ी चिंता
पिछले कुछ दिनों में शहर के प्रमुख संस्थानों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील संस्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता, सुरक्षा कड़ी
घटनाओं की पुनरावृत्ति को देखते हुए प्रशासन ने सभी सरकारी और महत्वपूर्ण संस्थानों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा जांच, निगरानी और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।