भोपाल। पालतू जानवरों के प्यार ने दो दिलों को मिलाया था, लेकिन अब वही जानवर इस रिश्ते के टूटने का कारण बन गए हैं। राजधानी भोपाल के फैमिली कोर्ट में एक ऐसा अजीब मामला सामने आया है, जिसमें शादी के महज आठ महीने बाद एक दंपति ने तलाक की अर्जी दे दी। वजह सिर्फ इतनी है कि पति को पत्नी की बिल्ली पसंद नहीं और पत्नी को पति के कुत्ते। दोनों का कहना है कि पालतू जानवरों के बिना वे जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकते, लेकिन एक-दूसरे के साथ रहना अब नामुमकिन हो गया है।
आंदोलन से शुरू हुई थी मोहब्बत
जानकारी के मुताबिक, आईटी सेक्टर में काम करने वाला यह इंजीनियर दंपति एक पालतू पशु संरक्षण आंदोलन के दौरान मिला था। यहीं दोस्ती और फिर शादी तक बात पहुंची। युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है जबकि युवती भोपाल की है। दोनों ने 2024 में शादी की थी। शादी के समय दोनों ने एक-दूसरे के पालतू जानवरों को स्वीकार करने का वादा किया था। लेकिन शादी के बाद हालात बिगड़ते चले गए।
बिल्ली बनाम कुत्ते का झगड़ा
पत्नी अपनी पालतू बिल्ली को साथ लेकर आई थी, जबकि पति के पास पहले से दो कुत्ते, एक मछली और खरगोश थे। पत्नी का आरोप है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और लगातार भौंकते रहते हैं। वहीं पति का कहना है कि पत्नी की बिल्ली दिनभर म्याऊं-म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है।
काउंसलिंग के बाद भी नहीं बनी बात
फैमिली कोर्ट में दोनों की पहली काउंसलिंग हो चुकी है और अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी। काउंसलर और परिवार दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दंपति का कहना है कि उनके लिए उनके पालतू जानवर ही सबसे अहम हैं। दोनों अब एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देखना चाहते।
नतीजा…रिश्ता खत्म करने का फैसला
कोर्ट में तलाक की अर्जी के साथ दोनों ने साफ कहा कि अब वे साथ नहीं रह सकते। पालतू जानवरों के प्रति अपने प्यार को छोड़ने के बजाय वे शादी खत्म करने के लिए तैयार हैं। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी पालतू जानवरों के कारण भी वैवाहिक रिश्तों में दरार आ सकती है।